मनोरथपुर गांव की विपदा अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद गुरुवार को सूबे के कैबिनेट मंत्री और सदर विधायक सुरेश खन्ना को भी इस गांव के लोगों का ख्याल आया। गुरुवार को गांव पहुंचे मंत्री ने पीड़ित परिवारों के हालचाल लिए और ग्रामीणों की पीड़ा सुनी। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के समक्ष इस मामले को रखेंगे और इसकी पुनरावृत्ति न हो इसके लिए शासन स्तर से जो भी प्रयास संभव होंगे उन्हे कराया जाएगा। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में गांव मनोरथपुर का आंखों देखा हाल प्रकाशित किया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को गांव के सरकारी स्कूल में पहुंचे सुरेश खन्ना ने सभी पीड़ित परिवारों से बात की और बच्चों की मौत पर दुख जताया। इस दौरान उन्होंने गांव में फैली बीमारी का कारण, परीक्षण कराकर तलाशने और उसका निवारण कराने के निर्देश सीएमओ डॉ.आरपी रावत को दिए। उन्होंने कहा कि साफ -सफाई के साथ ही गांव में पर्याप्त शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी। बोले चार बच्चों की मौत डिप्थीरिया बीमारी से होने की जानकारी उन्हें मिली है। शेष बच्चों की मौत किस कारण हुई इसकी गहनता से जांच कराकर उनके निवारण के लिए हर संभव प्रयास कराए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकार की संवेदनाएं पूरी तरह से उन लोगों के साथ है। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव तक सड़क बनवाने के अलावा कई अन्य मांगे रखी जिन्हे मंत्री ने खुद ही नोट किया और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ डॉ.लक्ष्मण सिंह, एसडीएम सत्यप्रिय सिंह के अलावा भाजपा नेता वीरेंद्र यादव, अनिल वाजपेई वाण, रमाकांत मिश्रा, देवेश पांडेय, जितेंद्र प्रताप सिंह, सोनू पांडेय, मनेंद्र गुप्ता, कृष्ण कुमार मंगलम, प्रिंस गुप्ता, विश्वास गुप्ता समेत कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।