शाहजहांपुर। परिषदीय स्कूलों के 43 हजार बच्चों को यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे खरीदने के लिए मिलने वाली धनराशि आधार कार्ड के फेर में फंस गई है। आधार कार्ड नहीं बनने या अपडेट नहीं होने के कारण बच्चों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि नहीं पहुंच सकी है। इसके चलते बच्चे पुरानी यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल आने के लिए मजबूर हैं।
जिले के 2716 परिषदीय स्कूलों में करीब दो लाख 98 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम के दौरान दो लाख 55 हजार बच्चों के खातों में 1200-1200 रुपये भेजे गए थे। शेष बच्चों की धनराशि आधार संबंधी समस्याओं के चलते अटकी हुई है। सर्दी का मौसम नजदीक आने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। धनराशि नहीं मिलने पर बच्चों के लिए स्वेटर और जूते-मोजे खरीदना मुश्किल हो रहा है।
शिक्षकों के अनुसार, कई बच्चों के आधार कार्ड अपडेट नहीं हैं या उनके बैंक खातों से आधार लिंक नहीं है। वहीं, नए आधार कार्ड बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ रही है। प्रमाणपत्र नहीं होने से भी बच्चों के आधार कार्ड बनवाने में परेशानी आ रही है।
आधार कार्ड नहीं होने या तकनीकी त्रुटि वाले बच्चों को डीबीटी के माध्यम से धनराशि नहीं भेजी गई। बच्चों के आधार कार्ड को सही कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। आधार अपडेट कराकर जल्द ही रुपया ट्रांसफर कराया जाएगा।
-जयशंकर श्रीवास्तव, बीएसए