अभी तक शहरी बाशिंदे आधी रात के बाद होने वाली आपात बिजली कटौती से परेशान थे, लेकिन अब पॉवर कारपोरेशन का सिस्टम कंट्रोल दिन में बत्ती चुराने लगा है। रविवार को नौ घंटे की नियमित कटौती के तयशुदा रोस्टर के अनुरूप दोपहर को सप्लाई की अवधि में अघोषित कटौती लागू कर दिए जाने से शहर के सारे फीडर करीब ढाई घंटे तक बंद रहे।
पॉवर रोस्टरिंग के नियमित शिड्यूल के अनुसार दिन में 11 से दो बजे तक कटौती लागू रहती है। रविवार को भी 11 बजे से कटौती हुई, लेकिन एक घंटे बाद सप्लाई शुरू हो जाने से लोगों को सुखद अहसास हुआ। सनडे की छुट्टी का दिन होने से कामकाजी तबका टीवी सेट के सामने चिपककर न्यूज चैनलों पर भूकंप की कवरेज देखने लगा, लेकिन दोपहर करीब सवा बजे से शहरी फीडर बंद होने लगे।
पहले तो इसे लाइन फाल्ट और नेटवर्क की खराबी का नतीजा माना गया। देर तक बिजली सप्लाई शुरू नहीं होने पर लोगों ने नजदीकी पॉवर सब स्टेशनों से संपर्क साधा तो पता चला कि लखनऊ सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर पैना के ट्रांसमिशन स्टेशन से आपात कटौती लागू की गई है। ककरा के सब स्टेशन ऑपरेटर ने बताया कि दोपहर 1.23 बजे से लेकर 3.55 बजे तक बिजली कटौती प्रभावी रही।
मुख्यमंत्री के सामने आज उठेगा कटौती का मुद्दा
जिले में बड़े पैमाने पर हो रही बिजली कटौती का मुद्दा सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई विभिन्न प्रकोष्ठों की राज्यस्तरीय बैठक में उठेगा।
सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव सर्राफ पंकज वर्मा ने यही संकेत दिया। उन्होंने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप तिवारी से टेलीफोन पर हुई बात का हवाला देते बताया कि मुख्यमंत्री ने लखनऊ के सपा कार्यालय में लोहिया वाहिनी, समाजवादी युवजन सभा, छात्र सभा और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारियों की राज्य स्तरीय बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि इस मौके पर मुख्यमंत्री के सामने जिले में बिजली कटौती का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे। सपा नेता के अनुसार शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री से रिंग रोड स्वीकृत करने और बीएसए दफ्तर, डीएसओ ऑफिस, जिला अस्पताल आदि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का अनुरोध करेंगे।