शाहजहांपुर। बारिश शुरू होने के बाद बार-बार मौसम बदल रहा है। खाने-पीने में लापरवाही के कारण लोग टाइफाइड की चपेट में आ रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रोजाना 30 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें इस बीमारी के लक्षण मिल रहे हैं। पांच से सात मरीजों में जांच के बाद रोग की पुष्टि हो रही हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, बीमारी से बचने के लिए बाहरी खानपान से बचना होगा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को 1286 मरीजों ने पर्चा बनवाया। पुराने पर्चाें पर रोगियों ने डॉक्टर ने दिखाया। कुल तीन हजार से अधिक मरीजों ने डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा ली। फिजिशियन विभाग की ओपीडी में करीब चार सौ मरीज पहुंचे। डॉक्टर के अनुसार, पांच से सात मरीज की खून की जांच में टाइफाइड रोग की पुष्टि हो रही है। पहले रोजाना 15-20 मरीज टाइफाइड के लक्षण के आते थे। वर्तमान में 30 से 40 मरीज टाइफाइड के लक्षण वाले आ रहे हैं।
फिजिशियन डॉ. सलीम अहमद ने बताया कि अधिक दिन तक बुखार रहने पर मरीज की टाइफाइड की जांच कराते हैं। डॉक्टर के अनुसार, छोटी व बड़ी आंत के अंदर बैक्टीरिया पनपने से स्थिति खतरनाक हो जाती है। कोर्स के बीच में दवा छोड़ देने से आंतों में छेद हो सकता है। इससे मरीज की जान संकट में पड़ जाती है।
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पानी को लेकर बरतें सतर्कता
-टाइफाइड का रोग दूषित खान-पान से फैलता है। बारिश के मौसम में अशुद्ध पानी पीने से लोग रोग का शिकार होने लगते हैं। शौच से आने के बाद सही तरीके से हाथ नहीं धोने से रोग होने की संभावना रहती है।
ऐसे करें बचाव
-शौच से आने के बाद हाथ को दो बार साबुन लगाकर अवश्य धोएं।
-बाहर का खाना खाने से बचे, बेहद जरूरी होने पर गर्म खाना खाएं।
-अशुद्ध पानी शरीर को नुकसान पहुंचा सकता, पानी शुद्ध पीएं।
ये हैं लक्षण
मरीज को लंबे समय तक बुखार, उल्टी-दस्त, भूख कम लगना, जीभ पर गंदी से परत जम जाना, कमजोरी लगना टाइफाइड के लक्षण हैं।