बंडा/ खुदागंज (शाहजहांपुर)। बरात में जाते समय ट्रैक्टर ट्राली पलटने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दूल्हा के पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा खुदागंज इलाके में हुआ, जबकि बरात बंडा से जा रही थी।
बंडा इलाके के गांव ढुकुरी बुजुर्ग निवासी ब्रह्मपाल सिंह के बेटे पवन सिंह की रविवार को शादी थी। बरात खुदागंज के गांव नवदिया नक्षत्रपाल सिंह के घर जानी थी। दूल्हा और बराती दो गाड़ियों से शाम करीब सात बजे निकले थे। जबकि ब्रह्मपाल, उसी गांव के भीकम सिंह का पुत्र उमेश (22) व किशनपाल सिंह का बेटा राजेश (32) ट्रैक्टर ट्राली से बाद में रवाना हुए। ट्रैक्टर उमेश चला रहा था। रास्ते में रात करीब 11 बजे खुदागंज इलाके में गांव नवादा तालुकात हरदेनी के निकट पहुंचने पर अचानक ट्रैक्टर ट्राली अनियंत्रित होने के बाद रोड से नीचे गड्ढे में पलट गई। इससे ट्रैक्टर में बैठे तीनों लोग नीचे दब गए। उधर से गुजर रहे राहगीरों ने ट्रैक्टर ट्राली पलटे देख पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। मगर तब तक राजेश और उमेश की मौत हो चुकी थी। दूल्हे के पिता ब्रह्मपाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल खुदागंज पीएचसी ले जाया गया। वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गांव के रिश्ते में उमेश दूल्हा के भाई और राजेश चाचा लगते थे।
हादसे की सूचना उमेश और राजेश के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। उमेश की मां कलावती, बड़े भाई सुरेश, छोटे भाई संजय, वीरेश का रो रोकर बुरा हाल है। राजेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। राजेश के परिवार के लोगों का भी रो रोकर बुरा हाल है।
गरीबी में गुजर करते थे राजेश, बड़े भाई की हो चुकी है मौत
बंडा। दूल्हे के पिता ब्रह्मपाल ने बरात भेजने के बाद उमेश और राजेश से ट्रैक्टर पर चलने को कहा था। राजेश की भाभी रूबी देवी ने बताया राजेश के पास मात्र दो बीघा जमीन है। मकान भी टूटा फूटा है। राजेश की पत्नी शादी होने के बाद सात साल पहले कहीं चली गई थी, तब से राजेश मानसिक रूप से परेशान रहता था। बड़े भाई अनिल की हार्ट अटैक से मौत हो जाने के बाद वह और परेशान रहने लगा था।
ट्रैक्टर से लाना था गृहस्थी का सामान
बंडा। कोरोना संक्रमण के कारण बरात में ज्यादा लोगों को ले जाने पर पाबंदी है, इस कारण ब्रह्मपाल ने चार पहिया, दो वाहनों से कम लोगों को ही बरात में भेजा था। वधू पक्ष से मिलने वाला गृहस्थी का सामान लाने के लिए वह खुद ट्रैक्टर से निकले थे। ट्रैक्टर चलाने के लिए गांव के उमेश को साथ लिया था।
दुल्हन को घर छोड़ पिता का इलाज कराने गया दूल्हा
बंडा। हादसे की खबर पहुंचते ही वधू पक्ष में सन्नाटा छा गया। रात में साधारण समारोह में फेरे डलवाने के बाद वधू को विदा कर दिया गया। सोमवार सुबह दुल्हन को घर छोड़ने के बाद दूल्हा पिता का इलाज कराने शाहजहांपुर चला गया।