डेढ़ वर्षों से कर रहे थे काम, अन्य लोग भी शामिल
साइबर अपराधी श्रीश गुप्ता ने बताया कि वे दोनों यह काम करीब डेढ़ वर्षों से कर रहे हैं। इस मामले में सोनू (पटना), सोनू (हावड़ा), विकास, उपेश कुमार, मुकेश आदि संपर्क में हैं। यह लोग भी खाते का काम देने लगे। जिससे आमदनी बढ़ती गई। बताया कि प्रत्यक्ष रूप से इन लोगों से कभी मुलाकात नहीं हुई है। यह लोग अक्सर अलग-अलग नंबरों से फोन करते थे। ऑनलाइन ही उनके खाते में पेमेंट भेजते थे। पुलिस बाकी लोगों की जानकारी जुटाने में जुट गई है।
27 मोबाइल, 16 डेबिट कार्ड हुए बरामद
पकड़े गए लोगों के पास से 19 की-पैड मोबाइल, आठ एंड्राइड मोबाइल, तीन रिकार्ड काॅपी, 25430 रुपये, 19 जियो पैमेंट बैंक लिफाफे मय एटीएम कार्ड, 10 डेबिट कार्ड जियो, दो माइक्रो एटीएम मशीन, दो बायोमीट्रिक मशीन, छह डेविट कार्ड बरामद हुए हैं।
दोनों का है आपराधिक इतिहास
श्रीश गुप्ता पर 2009 में हरदोई के थाना कोतवाली में दहेज उत्पीड़न, वर्ष 2021 में कोतवाली में धर्म परिवर्तन की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोपी राहिल पर वर्ष 2024 में आबकारी अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।