शाहजहांपुर। ढाईघाट पर गंगा स्नान करने आए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। गोताखोरों ने दोनों के शव बाहर निकाले। एक युवक बस्ती और दूसरा फर्रुखाबाद का रहने वाला था।
गोंडा के वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव कदरा निवासी मुनीम का 17 वर्षीय पुत्र सत्यम चाचा दलवीर और चाची पूजा के साथ ढाईघाट पर गंगा दशहरा पर स्नान करने के लिए आया था। स्नान करते समय किशोर गहरे पानी में चला गया। चाचा-चाची ने शोर-शराबा मचाया तो गोताखोर मौके पर पहुंचे। लगभग 50 मिनट बाद किशोर को गंगा से बाहर निकाला गया। परिजन किशोर को सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। चाचा दलवीर परिवार सहित जलालाबाद में रुक कर अंगूठी के नग व प्लास्टिक की चटाई का व्यापार करते हैं। चाचा दलवीर ने बताया कि सत्यम के पिता गोंडा में रहकर खेतबाड़ी करते हैं। भतीजा सत्यम चाचा के साथ रहता था। वह दो भाइयों में छोटा था।
वहीं, मैनपुरी के गांव कुचेला निवासी राजू चौहान का पुत्र शीलू (21 वर्ष) कई सालों से फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव दाउदपुर निवासी अपने मामा बृजेश कुमार के घर रह रहा था। दाउदपुर निवासी सत्यराम पाल ट्रैक्टर लेकर ढाई घाट पर गंगा की पहनावन करने आए थे। पहनावन चढ़ाने के दौरान शीलू गहरे पानी में चला गया। यह देख उसके साथ के लोगों ने शोर मचाया।
गोताखोरों ने शीलू की खोजबीन शुरू की। एक घंटे बाद शीलू को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मामा बृजेश कुमार बिना कार्रवाई के भांजे का शव लेकर अपने घर चले गए। बृजेश ने बताया कि भांजा शुरू से उनके पास रहता था। बहन कुसमा देवी और बहनोई राजू चौहान दिल्ली में रहकर नौकरी करते हैं। उसका एक छोटा भाई गोलू है। वहीं, स्नान स्थल के पास बैरिकेडिंग न होने से लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर बैरिकेडिंग कराई जाती तो लोग गहरे पानी में न जाते।