शाहजहांपुर में पोस्टमॉर्टम हाउस पर शोकाकुल बैठी श्याम की मां मालती।संवाद
शाहजहांपुर। जिले में झोलाछाप के इलाज के बाद पांच माह के बच्चे समेत एक युवक की माैत हो गई। दोनों ही मामलों में पुलिस को तहरीर दी गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच की बात कही है।
कांट थाना क्षेत्र के लिलथरा गांव निवासी सोनू के पांच माह के बेटे श्याम को एक माह पहले बुखार आया था। मां मालती देवी उसे गांव के झोलाछाप की दुकान पर लेकर गईं। उसने कूल्हे में इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद बेटे के कूल्हे से खून बहने लगा तो उसने दवा दी, लेकिन खून बहना बंद नहीं हुआ। इसके बाद श्याम को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद खून बहना बंद हुआ।
मालती ने बताया कि तीन-चार दिन पूर्व बेटे के पैर में सूजन आ गई। रविवार रात अस्पताल लेकर जाते समय बेटे की मौत हो गई। कांट इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बुखार से पीड़ित मिर्जापुर के गांव संगहा निवासी जगराम (35 वर्ष) को कुछ दिन से बुखार आ रहा था। रविवार की शाम पांच बजे वह पड़ोसी गांव नगरा स्थित झोलाछाप की दुकान पर गए। जगराम ने झोलाछाप द्वारा दी गई दवा खाई तो उनकी तबीयत और बिगड़ गई। वह अपने कपड़े फाड़ने लगे। परिजनों के अनुसार, उनके मुंह से झाग निकलने लगा था। परिजन फिर से उन्हें झोलाछाप की दुकान पर ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप ने लापरवाही करते हुए गलत दवा दी है। उनकी मौत से पत्नी रेनू, तीन बेटी और दो बेटे रो पड़े। जगराम चार भाइयों में सबसे छोटे थे।
झोलाछाप के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे लोगों की दुकानों को सील किया जाएगा। ताजा मामलों में भी जांच कराई जाएगी। साथ ही विभाग की तरफ से मुकदमा भी दर्ज कराएंगे।
-अंसार अली, कार्यवाहक सीएमओ