शव देख बिलख उठे परिजन
इसके करीब दो घंटे बाद वहीं से सर्वज्ञ का शव नदी की गहराई से निकाला गया। शव देखते ही वहां मौजूद दोनों परिवारों के लोग बिलख उठे। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवक अपने परिवारों के इकलौते पुत्र थे। हादसे में दो परिवारों के चिराग बुझ जाने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। थाना प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि पुलिस स्तर से अब तक हुई जांच से पता चला है कि दोनों युवक और उनका किशोर साथी रील बनाने और फोटो खींचने के शौकीन थे। इस शौक को पूरा करने के लिए वह इससे पहले भी कई बार वहां आ चुके थे। शनिवार को भी वह इसी उद्देश्य से रघुनाथपुर पहुंचे थे।
बार-बार हादसों के बावजूद नहीं हैं सुरक्षा इंतजाम
रामगंगा नदी का रघुनाथपुर क्षेत्र लंबे समय से हादसों का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुल से लेकर गांव के किनारे तक नदी कहीं उथली तो कहीं अत्यधिक गहरी है। यहां पहले भी कई लोग डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं। नदी की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि अतीत में भारी वाहन तक पानी में समा चुके हैं। इसके बावजूद वहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा की कोई स्थायी और कारगर व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के खतरनाक घाटों, विशेषकर तटीय गांवों के आसपास चेतावनी के संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों का दोहराव रोका जा सके।
इसी वर्ष बारहवीं की परीक्षा की थी उत्तीर्ण
उत्कर्ष और सर्वज्ञ ने इसी वर्ष रॉयन इंटरनेशनल स्कूल से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। दोनों दोस्त होने के साथ ही कोटा में इंजीनियरिंग करने की तैयारी कर रहे थे। उत्कर्ष के परिजन ने कोचिंग के लिए ऑनलाइन फीस भी जमा कर दी थी। उत्कर्ष की बहन अर्पिता और मां प्रियंका हैं।सर्वज्ञ की मां अल्का भी बेटे की मौत से सुधबुध खो बेठी हैं।