गांव-गांव दौड़ रहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों के बावजूद बुखार का असर अभी कम नहीं हो पा रहा है। खुदागंज के गांव पच्चड़ में बुखार से एक महिला और मीरानपुर कटरा के गांव पलिया पट्टी में एक युवक की मौत हो गई, वहीं अकबरी गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं। इधर, जिला अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टरों के कक्ष के बाहर अभी भी मरीजों की लाइनें लगी हुईं हैं। यहीं हाल ट्रामा सेंटर का भी है। ब्लड जांच में भी वायरल का ही असर ज्यादा नजर आ रहा है। कुछ मरीजों में मलेरिया का भी असर है।
खुदागंज के गांव पच्चड़ निवासी अहिबरन की 58 वर्षीय पत्नी रामवती को तीन दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट में दिखाया लेकिन फायदा नहीं हुआ। मंगलवार दोपहर उनकी घर में ही मौत हो गई। उधर, मीरानपुर कटरा के गांव पलिया पट्टी निवासी 32 वर्षीय लालू को तीन दिनों से बुखार आ रहा था मंगलवार को उसकी मौत हो गई। इधर,जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी तक बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखकर लग रहा है कि लोगों को अभी भी बुखार से राहत नहीं मिली है। सुबह आठ बजे से ही ओपीडी में मरीजों की डॉक्टर कक्ष के बाहर भीड़ लग जाती है। इसके बाद डॉक्टर को कुर्सी से उठने की फुर्सत नहीं मिलती, क्योंकि मरीज उन्हें उठने ही नहीं दे रहे हैं। इसी तरह से ट्रामा सेंटर में भी गंभीर घायल रोगियों के बजाय इस समय बुखार से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। हाल यह है कि ट्रामा सेंटर में पैर रखने भर को जगह नहीं बच रही है। यहां तक कि गली में स्ट्रेचर लगाकर एक-एक पर दो-दो लोगों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। कुछ को फर्श की स्लैब पर लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। हर तरफ एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि डॉक्टर साहब बार-बार दवा खिलाने के बाद भी फायदा नहीं हो पा रहा है।
बंदी भी बुखार की चपेट में
जिला कारागार में क्षमता से तीन गुना अधिक बंद बंदियों को भी बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। हालांकि इन लोगों का जिला कारागार में इलाज चल रहा है। 15 ऐसे बंदी हैं जिन्हें एक सप्ताह से अधिक समय से बुखार आ रहा है, इसलिए उनकी जांच के लिए ब्लड सैंपल लेकर स्लाइड बनाई गई है। जेलर जेपी दुबे ने बताया कि लगभग 140 बदियों को बुखार की शिकायत है, उनका जिला कारागार के ही अस्पताल में इलाज चल रहा है। ब्लड जांच में वायरल फीवर पाया गया है।
लगाई गई डॉक्टरों की टीम
ट्रामा सेंटर में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सीएमएस डॉ. एमपी गंगवार ने इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. राहुल के अलावा, डॉ. केसी वर्मा, डॉ. अनिल राज, डॉ. वीके गंगवार, डॉ. अनुराग को भी विशेष परिस्थितियों में मरीजों का चेकअप करने के लिए लगाया है।