पूर्व विधायक ने सांत्वना दी
पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा, नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी और थाना पुलिस सीएचसी पहुंचे। रोशन लाल वर्मा ने रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
वीरावती पर टूटा दुखों का पहाड़
संदीप वर्मा के पिता हरमेंद्र वर्मा की सात साल पहले मौत हो चुकी है। हरमेंद्र की पत्नी वीरावती अपनी पुत्री किरन और पुत्र संदीप, छोटे पुत्र प्रदीप के साथ गुजरबसर कर रही थी। संदीप के बाबा कामता प्रसाद अपने पुत्र हरमेंद्र की मौत के बाद से पौत्रों को बड़े प्यार से पाल रहे थे।
संदीप गांव में ही सरकारी स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। मौत की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया। वृद्ध कामता प्रसाद और संदीप की मां वीरावती का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। कुछ घंटे पहले ही वह बहन किरन से राखी बंधवा कर गया था। बहन किरण के भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
सुधीर वर्मा के घर का चिराग बुझ गया
निगोही के गांव रघवापुर निवासी सुधीर वर्मा पत्नी उर्मिला और 14 वर्षीय पुत्र प्रियांशु वर्मा के साथ अपनी ससुराल आए थे। सुबह प्रियांशु वर्मा ने खुशी-खुशी राखी बंधवाई और फिर वह अपने ममेरे भाई संदीप के साथ जानवर चराने चला गया। संदीप इकलौता पुत्र था।
संदीप की एक बड़ी बहन माना है। सुधीर ने रोते-बिलखते हुए बताया कि वह कक्षा पांच में गांव के स्कूल में पढ़ता था। पढ़ाई का नुकसान होने की वजह से वह उसे साथ नहीं ला रहे थे लेकिन उसने मामा के घर चलने की जिद कर दी। अब उसका इकलौता बेटा दुनिया से चला गया है।