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दिल्ली कमाने गए दो भाई कंगाल हुए तो घरों को लौटे

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तिलहर। गोंडा के दो भाई पांच साल पहले कमाने दिल्ली गए लेकिन कोरोना की वजह से उनका सबकुछ बर्बाद हो गया। लॉकडाउन लगने पर काम धंधा बंद हुआ तो जमा पूंजी खर्च कर सबकुछ बहाल होने का इंतजार किया। पूंजी खत्म होने के बाद भी सब कुछ सामान्य न होने पर उन्हें घर लौटने के अलावा कुछ न सूझा। किसी तरह से रिक्शे से परिवार ले वे घर को निकल पडे़। सोमवार को तिलहर पहुंचने पर उन्होंने दर्द सुनाया।
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गोंडा जिले के कर्नलगंज निवासी सचिन कुमार और उनके भाई पप्पू पांच साल पहले दिल्ली गए थे। वे दिल्ली में ऑटो रिक्शा चलाते थे। रोजाना पांच-छह सौ रुपये की कमाई हो जाती थी। सचिन कुमार के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। सचिन ने बताया कि लॉकडाउन के बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी और दो महीने तक दिल्ली में रुके रहे। इस दौरान जो जमा पूंजी थी सब खत्म हो गई। मगर दिल्ली में फैली महामारी से हिम्मत जवाब दे गई। ऊपर से काम बंद होने से भुखमरी की नौबत आ गई। आखिर में घर लौटने का फैसला किया।
पप्पू के परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं। उनका कहना है कि कोरोना पांच साल की जमा पूंजी सब निगल गई। काम बंद होने पर चार महीने कैसे गुजर बसर की यह तो वही जानते हैं। फिर भी दिल्ली के हालात नहीं सुधरे तो अपने घर जाने का मन बना लिया। रविवार सुबह रिक्शा लेकर दिल्ली से चले थे, सोमवार दूसरे दिन तिलहर पहुंचे। जेब में रुपये न होने की वजह से पूरा परिवार भूखा था। उन्होंने बताया कि अभी घर पहुंचने में दो दिन लगेंगे। दोनों भाइयों सचिन और पप्पू ने बताया कि दिल्ली के हालात बहुत ज्यादा खराब है। कारोबार पूरी तरह ठप हो चुका है। गरीब, मजदूर दिल्ली छोड़कर जा रहे हैं।
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