दोनों भाइयों के शव देख हर आंख हुई नम
राजकीय मेडिकल कॉलेज की मॉर्चरी पर दो भाइयों के शवों को देख उनके परिजन ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आए तीमारदारों की भी आंख नम हो गई। पुलिस ने परिजनों को दिलासा देते हुए पंचनामा की कार्रवाई की। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। कांट थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अभी तहरीर नहीं आई है।
देवरानी-जेठानी की उजड़ी मांग... बच्चों के बिखर गए सपने
दो सगे भाइयों की मौत से देवरानी-जेठानी की मांग का सिंदूर उजड़ गया और उनके बच्चों के सपने बिखर गए। धर्मवीर की पत्नी रामसुखी और सत्यवीर की पत्नी प्रीति शवों को देख दहाड़ मार रो पड़ीं। महिलाओं ने उन्हें संभाला और सांत्वना दी।
परिजनों ने बताया कि धर्मवीर का बेटा हिमांशु 15 साल और बेटी नंदनी 10 साल की है। सत्यवीर की बड़ी बेटी संध्या सात, महक पांच और गुन्नू तीन साल की है। परिजनों ने बताया कि अब बच्चों की जिम्मेदारी रामसुखी और प्रीति के कंधों पर आ गई है। वहीं, मां छोटी बिटिया दोनों बेटों की मौत से बेसुध हो गईं हैं। रोते-रोते उनकी आंख पथरा गई है।
दस दिन पूर्व हरियाणा से आया था सत्यवीर
परिजनों ने बताया कि धर्मवीर खेतीबाड़ी करता था। सत्यवीर व उसका सबसे छोटा भाई करन हरियाणा के मानेसर में नौकरी करते थे। सत्यवीर दस दिन पूर्व ही गांव आया था। चार दिन बाद वह वापस हरियाणा जाने वाला था, लेकिन काल ने उसके जाने से पूर्व उसकी जिंदगी छीन ली। खबर सुन हरियाणा से आया करन भाइयों के शव को देख बेसुध हो गया।