शाहजहांपुर। खिरनीबाग स्थित जीआईसी मैदान पर चल रही शिव महापुराण कथा में कथा व्यास प्रशांत प्रभु ने कामदेव के भस्म होने की कथा सुनाते हुए श्रद्धालुओं को प्रेम, त्याग और समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्चा प्रेम केवल आकर्षण नहीं, बल्कि त्याग और निस्वार्थ भावना का नाम है।
उन्होंने बताया कि तारकासुर के वध के लिए देवताओं के आग्रह पर कामदेव ने शिवजी की समाधि भंग करने के लिए पुष्पबाण चलाया। क्रोधित शिवजी ने तीसरा नेत्र खोलकर कामदेव को भस्म कर दिया। रति के विलाप पर शिवजी ने कामदेव को अनंग रूप में रहने का वरदान दिया।
कथा व्यास ने कहा कि कामदेव का शरीर भस्म हुआ, लेकिन प्रेम की भावना समाप्त नहीं हुई। बाद में उनका प्रद्युम्न के रूप में पुनर्जन्म हुआ। कथा के दौरान ओमदेव गुप्ता, सत्यप्रकाश मिश्रा, श्रीदत्त शुक्ला, हरिशरण वाजपेयी, अखिलेश सिंह, गौरव त्रिपाठी, विश्वमोहन वाजपेयी, अरविंद त्रिपाठी, नीरज वाजपेयी आदि मौजूद रहे। संवाद
धूमधाम से निकली शिवजी की बरात
शाहजहांपुर। हनुमत धाम से शुक्रवार शाम धूमधाम से शिवजी की बरात निकाली गई। देवस्वरूपों की झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं।
शिव बरात चौक, मंडी, घंटाघर, मशीनरी बाजार और सदर बाजार होते हुए बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद यात्रा संपन्न हुई। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बरात का स्वागत किया। एटा से आई गणेशजी की आरती, आदि योगी, शिवलिंग की आरती करते हनुमानजी, महाकाली, नंदी-शेषनाग, बैकुंठ धाम, श्रीरामदरबार, शनिदेव और श्रीराधा-कृष्ण की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
भंडारा भी हुआ। सुरक्षा के लिए मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। बरात में आयोजक आशीष गुप्ता, अग्निवेश गुप्ता, देवेश ठाकुर, गिरीश सिंह, सोनू मौर्य, गौरव गुप्ता, राविल गुप्ता, रजत गुप्ता, पार्षद मनीश गुप्ता, प्रमोद मिश्रा, भरत गुप्ता, दिव्यांश सिंह, वैभव खन्ना, मनीष, अभय आदि मौजूद रहे।
लोहे की कीलों पर लेटकर कांवड़ यात्रा पर निकले विशेष गुप्ता
सिंधौली (शाहजहांपुर)। रौसर कोठी निवासी विशेष गुप्ता अनोखी कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। वह फर्रुखाबाद के पांचाल घाट से गंगाजल लेकर त्रिलोकीनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए निकले हैं।
कैंट क्षेत्र से गुजरते समय वह लोहे की कीलों पर लेटकर यात्रा करते नजर आए। विशेष गुप्ता ने बताया कि कीलों पर लेटकर यात्रा करना भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक है। वह त्रिलोकीनाथ धाम पहुंचकर गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। संवाद
कीलों पर लेट-लेटकर कांवड़ चढ़ाने जाते विशेष गुप्ता। संवाद
कीलों पर लेट-लेटकर कांवड़ चढ़ाने जाते विशेष गुप्ता। संवाद
कीलों पर लेट-लेटकर कांवड़ चढ़ाने जाते विशेष गुप्ता। संवाद