पुवायां, खुटार, बंडा और सिंधौली ब्लाक में प्रथम चरण के प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के चुनाव में उतरे प्रत्याशियों को शुक्रवार को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। प्रत्याशियों को अनाज ओसाता किसान, इमली, जकन्नी, कार, किताब, कैमरा, कैरम, कोट खड़ाऊं, गदा, गले का हार, घंटी सहित अन्य चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए।
चुनाव चिन्ह प्राप्त करने के लिए ब्लाक मुख्यालयों पर प्रत्याशियों की भीड़ रही। चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रत्याशी मतदाताओं को चुनाव चिन्ह की जानकारी देने के लिए अपने क्षेत्र में निकल गए। भारी भीड़ के चलते केवल प्रत्याशी को ही आरओ टेबिल तक प्रवेश दिया गया। प्रत्याशी के साथ आए समर्थकों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया। पुलिस ने पुवायां, बंडा, खुटार और सिंधौली में कई बार लाठियां फटकार कर लोगों को नामांकन स्थल से दूर खदेड़ा।
चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रत्याशियों ने ब्लाक मुख्यालय पर लगी दुकानों से अपने चुनाव चिन्ह के अनुसार पोस्टर, बिल्ला और डमी बैलेट पेपर आदि की खरीददारी की।
जिला निर्वाचन अधिकारी से आरओ की शिकायत
खुटार (ब्यूरो)। गांव सराय निवासी महेंद्र कुमार ने शुक्रवार को जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजकर बताया कि गांवसभा सराय से चुनाव लड़ रही एक महिला खीरी के पलिया क्षेत्र के गांव मझिगई की रहने वाली हैं। यह महिला अभी तक गांव मझिगई में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर काम कर रही थी और इस्तीफा देकर गांव सराय से चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने महिला के खीरी जनपद की होने की शिकायत आरओ से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरओ एमए खान ने बताया कि जिस महिला की शिकायत की गई थी उसका नाम गांवसभा की वोटर लिस्ट में है और उसने बाल विकास विभाग से इस्तीफा देकर नामांकन कराया था। इस कारण नामांकन खारिज नहीं किया गया है और आरोप निराधार है।
पंचायत चुनाव के प्रत्याशी दे रहे भारी मात्रा में आर्डर
पुवायां। चुनाव में भारी मात्रा में खरीद के चलते तहसील क्षेत्र में कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रही हैं। हालत यह है कि यहां से तैयार शराब पंचायत चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी लखीमपुर और पीलीभीत जनपदों तक ले जा रहे हैं। शराब को अधिक नशीली बनाने के लिए प्रयोग किए जा रहे जहरीले पदार्थों के कारण यहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
खुटार क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गांव टोडरपुर, मैनियां, कुभियां माफी आदि कच्ची के गढ़ हैं। आबकारी टीम के छापा मारने पर यहां हजारों लीटर लाहन बरामद होता है, लेकिन टीम के पीठ फेरते ही कच्ची की भ_यिां धधकने लगती हैं। इसके अलावा पुवायां के गांव भरतापुर, पुवायां के मोहल्ला कुरगंजा सहित तमाम गांवों में कच्ची शराब धड़ल्ले से बिक रही है। प्रधानी का चुनाव नजदीक आते ही कच्ची शराब की मांग में भारी इजाफा हुआ है। प्रत्याशी चौपहिया वाहनों में कच्ची भरकर यहां से ले जा रहे हैं।
शराब में यूरिया, कीटनाशक, निरमा, नशीला पाउडर आदि का बहुतायत में प्रयोग होने के कारण कच्ची पीने वालों के साथ कभी भी हादसा हो सकता है। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पूर्व सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से चार लोगों की मौत हो गई थी।