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तेज आंधी में ढहे पेड़ और मकान, बिजली भी हुई गुल

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शाहजहांपुर। बंगाल की खाड़ी से उठी चक्रवाती हवा ने उत्तर भारत में पहले से बने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बृहस्पतिवार तड़के तेज आंधी-बारिश रूप ले लिया। 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवा ने कई बड़े पेड़ों को जड़ से उखाड़ डाला। कई जगह 33 और 11 केवीए लाइनों के तार टूट कर जमीन पर आ गिरे। इससे आसपास के इलाकों में करीब चार से छह घंटे तक बिजली सप्लाई ठप रही। इस दौरान 16.4 मिमी बरसात हुई। आंधी से आम की फसल में व्यापक क्षति होने के आसार हैं।
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दो दिन पहले आंधी-बारिश के साथ ग्रामीण क्षेत्र में ओले गिरने से हवा में नमी बढ़ने के साथ थर्मामीटर का पारा करीब पांच डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया था। बुधवार को धूप निकलने पर वातावरण में घुली आर्द्रता उमस बनकर जनजीवन को बेहाल करने लगी। बुधवार को दिन में अधिकतम तापमान भी दो डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। इस दौरान बैरोमीटर की रीडिंग सात मिलीबार घट गई और हवा के कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो गया। इसी के साथ बुधवार शाम से फिर बादल छाने लगे। आधी रात के बाद भोर में करीब 3.30 बजे से हवा की रफ्तार बढ़ी और उसने कुछ ही देर में विकराल आंधी का रूप ले लिया। आंधी के साथ ही बारिश शुरू हो गई।
कई इलाकों में टूटी बिजली लाइनें
तेज हवा के थपेड़ों से कैंट एरिया मेें एमईएस कंपाउंड के पास पेड़ की एक मोटी डाल टूटकर पैना के 220 केवी पावर स्टेशन से निकली बहादुरगंज बिजली उपकेंद्र की 33 केवीए लाइन पर गिरी तो तार टूटकर जमीन पर आ गए। इसी तरह हथौड़ा बिजली उपकेंद्र की 11 केवीए लाइन पर हयातपुरा के पास और गोविंदगंज बिजली उपकेंद्र की 11 केवीए लाइन पर डीएम कंपाउंड के नजदीक पेड़ की डालें टूटकर गिरीं। ताबड़तोड़ कई फाल्ट होने से आसपास के इलाकों की कॉलोनियों और मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। बृहस्पतिवार को दिन निकलने पर संबंधित क्षेत्रों के प्रभारी अवर अभियंताओं ने लाइन स्टाफ से पेट्रोलिंग कराई और लाइनों की खराबियां ठीक कराकर बिजली सप्लाई बहाल कराई।
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इसलिए तूफान जैसी आंधी का हुआ अहसास
पर्यावरण को समर्पित संस्था पृथ्वी के निदेशक डॉ. विकास खुराना के अनुसार दक्षिणी अंडमान सागर और उससे सटी बंगाल की खाड़ी पर गत तीन-चार दिन से हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसने विषुवतीय हवा को तेजी से अपनी ओर आकर्षित कर लिया। ये हवा मालदीव और श्रीलंका को पार करते हुए बंगाल ओर बिहार की ओर बढ़ी। उन्होंने मौसम पर नजर रखने वाली देश की कई संस्थाओं समेत आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि इस समय बिहार से तमिलनाडु तक विस्तृत टर्क रेखा के मध्य में है। इसी वजह से बहस्पतिवार सुबह 70-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज चक्रवाती हवा चली। डॉ. खुराना का कहना है कि पिछले वर्ष इन्हीं दिनों ऐसे नौ मौके आए, जब चक्रवाती हवा आंधी-पानी का कारण बनी। उन्होंने तेज आंधी-बारिश के दौरान लोगों को बिजली के उपकरण न छूने और कच्ची दीवारों एवं पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है।
इन इलाकों में रहा बिजली संकट
आंधी और बरसात के दौरान बिजली की हाईटेंशन लाइनें टूटने से बहादुरगंज, मशीनरी मार्केट, लोहिया कॉलोनी, बहादुरपुरा, जेल रोड, माधवनगर, इस्लामियां तिराहा, गोविंदगंज, चर्च कॉलोनी, रूफस चरन लेन, टाउनहाल, ऑफिसर्स कॉलोनी, डीएम कंपाउंड कॉलोनी, सदर बाजार, सुभाष चौक (हथौड़ा चौराहा), हयातपुरा, लोधीपुर, सिटी पार्क, इंदिरानगर, खलीलशर्की, दिलाजाक, ऐमनजई जलालनगर, बीबीजई हद्दफ, मदराखेल, लोहारों का चौराहा, विश्वकर्मा चौक, अलीजई, सिंजई (आंशिक), जियाखेल आदि इलाकों में चार से छह घंटे तक सैकड़ों घरों की बत्ती गुल रही। हयातपुरा और अंटा फीडर से जुड़े लोगों को ज्यादा समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा, लेकिन लाइन फाल्ट ठीक होने पर बिजली सप्लाई बहाल होने के बाद इन दोनों इलाकों में लाइनों का अनुरक्षण कार्य कराने के लिए सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक दो चक्रों में शटडाउन लेकर बिजली सप्लाई बंद रखी गई।
पेड़ गिरने से घंटे भर बंद रहा पूरनपुर रोड, टिन से बनी छतें उड़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। इलाके में आंधी बारिश से कई जगह पेड़ गिरने के साथ टिन की छतें उड़ गईं। बंडा के मकसूदापुर में घर में पाकड़ का पेड़ आंधी में गिर जाने से बंधी एक भैंस की दबकर मौत हो गई। बिजली आपूर्ति भी ठप हुई जो चार घंटे बाद बहाल हो सकी। ग्रामीण इलाकों में कई जगह देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। पूरनपुर रोड पर पेड़ गिरने से एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।
खंडसार गांव में एक मकान ढहा
खुटार। गांव रायपुर पटियात निवासी सोबरनलाल ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह तेज आंधी और बारिश होने से टिन उड़कर मकान के पीछे रहने वाले रौनक अली के घर में बंधी गाय पर जा गिरी। जिससे गाय घायल हो गई। टीन के नीचे सो रहे सोबरन घायल हो गए और उनके घर बंधे पशु भी मामूली चोटिल हो गए। गांव खंडसार में गौरव का मकान आंधी में ढह गया। परिवार के लोग पहले ही बाहर निकल जाने से बच गए।
बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति ठप
बंडा। तेज आंधी के साथ हुई बारिश में कई पेड़ उखड़ने से क्षेत्र की बिजली सप्लाई ठप हो गई है। गांव सैदापुर में बिजली लाइन के ऊपर पेड़ गिरने से पोल टूट गया, जिससे पोल पर रखा ट्रांसफार्मर भी नीचे गिर गया। गांव ब्राहिमपुर झंझरिया में बिजली लाइन के ऊपर पेड़ गिरने से बिजली सप्लाई ठप हो गई। इसके अलावा पूरनपुर रोड पर पेड़ गिर जाने से एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।
दिल्ली-लखनऊ हाईवे के गड्ढों में भरा पानी
मीरानपुर कटरा। दिल्ली लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग की दशा इस कदर जर्जर हो चुकी है कि कई फुट के गड्ढों में वाहनों का फंसकर खराब हो जाना आम बात हो गई है। वहीं मुख्य चौराहे के निकट सड़क की हालत इस कुछ ज्यादा ही बदतर हो गई है। बुधवार रात बारिश ने नेशनल हाईवे का हुलिया ही बिगाड़कर रख दिया। गड्ढों में बारिश का पानी भरने से ये तालाब जैसे नजर आ रहे हैं। इससे हादसे की आशंका प्रबल हो गई है। नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य पिछले कई वर्षों से रुका पड़ा है। देखरेख एवं मरम्मत के अभाव में रोड की हालत बेहद खराब होती जा रही है। हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग से लेकर मुख्य चौराहे तक सड़क में इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं कि गड्ढों में वाहनों का फंसना अब आम बात हो गई है। मुख्य चौराहे के आसपास सड़क में बन चुके कई फुट के गड्ढे यहां हादसों को दावत दे रहे हैं, जिसकी वजह से वाहनों को आवागमन में काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। संवाद
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