पॉवर कारपोरेशन के नियम-निर्देशों की अवहेलना करके शहर में विभिन्न स्थानों पर सड़कों के किनारे खुले स्थानों पर रखे गए ट्रांसफार्मरों से बारिश के दौरान उनसे करंट फैलने का खतरा फिर बढ़ गया है। पहले भी कई पशु ऐसे ट्रांसफार्मरों से उतरे करंट की चपेट में आ चुके हैं। कई जगहों पर फाउंडेशन के नाम पर ईंटों के कम ऊंचाई के चबूतरे पर ट्रांसफार्मर रख छोड़े गए हैं। उनके आसपास तार की फैंसिंग नहीं होने से चोरों से भी ट्रांसफार्मर असुरक्षित बने हैं।
472 ट्रांसफार्मरों पर टिका शहरी नेटवर्क
शहर का बिजली नेटवर्क 25 से लेकर 630 केवी क्षमता वाले 472 ट्रांसफार्मरों पर टिका है। पांच वर्ष पहले तक शहर में 398 ट्रांसफार्मर लगे थे। उस वक्त शहर में लगभग 40 हजार उपभोक्ता थे। अब कनेक्शन बढ़कर करीब 60 हजार हो चुके हैं। उसी अनुपात में विभिन्न क्षमता वाले 74 ट्रांसफार्मर बढ़ाए गए। यही नहीं, एपीडीआरपी स्कीम के दूसरे चरण में कार्यदायी संस्था द्वारा किए जा रहे शहरी नेटवर्क के अपग्रेडेशन के तहत करीब 50 नए ट्रांसफार्मर और लगाए जाने हैं।
बड़े ट्रांसफार्मरों पर होनी चाहिए तारों की फैंसिंग
पॉवर कारपोरेशन के नियमानुसार 250 केवी और इससे अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को कम से कम तीन फुट ऊंचे कंक्रीट के फाउंडेशन पर रखने के साथ उनके चारों ओर चार से पांच फुट ऊंचाई वाली तारों की बाड़ लगाना अनिवार्य है। स्थिति यह है कि पहले से लगे कई ट्रांसफार्मरों के न तो अभी तक मानक के अनुरूप फाउंडेशन बन पाए हैं और न ही उनकी फैंसिंग से घेराबंदी की गई है। सड़कों के किनारे फुटपाथ पर ईंटों का चबूतरा बनाकर रखे गए बगैर बाड़ वाले ट्रांसफार्मरों के आसपास उगी घास चरने के लोभ में अक्सर पशु करंट की चपेट में आकर मर जाते हैं।
खोखों और दुकानों में लग चुकी है आग
सड़कों के किनारे खुले चबूतरों पर रखे और डबल पोल पर टंगे ट्रांसफार्मरों के हीटअप होकर उनमें आग लगने से कई खोखे और पक्की दुकानों में रखा सामान स्वाहा हो चुका है। करीब पांच वर्ष पहले शहर कोतवाली के पास रखे ट्रांसफार्मर में आग इस कदर भड़की कि लपटों ने सड़क के दूसरी ओर घड़ीसाजों के दो खोखों को अपनी चपेट में ले लिया। इसी तरह कुछ साल पहले रोडवेज के पीछे ट्रांसफार्मर में लगी आग से फलों की दुकान जल गई थी। शहर में ऐसी कई दुकानें हैं जो उनके ठीक सामने ट्रांसफार्मर लगे होने के कारण खाली पड़ी हैं।
इन स्थानों पर मंडरा रहा है करंट का खतरा
अब्दुल्लागंज, अजीजगंज, जिया खेल, किला, केरूगंज की गल्ला मंडी, दलेलगंज पश्चिमी, चारखंभा की बक्सरिया वाली गली, ऐमनजई जलालनगर की तराई बस्ती, चौक, पटी गली, सदर तहसील के सामने, लोहारों वाला चौराहा, अलीजई में नेशनल गल्र्सो इंटर कालेज रोड, सुभाषनगर-ईदगाह तिराहा, गदियाना, पंचपीर तिराहा, हथौड़ा चौराहा, बिसरात रोड, मल्हार मोड़, सिंजई में कनौजिया तिराहा के पास आदि ऐसे तमाम ठिकाने हैं जहां लगे ट्रांसफार्मर किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
फैंसिंग के लिए कराया जाएगा सर्वे
पॉवर कारपोरेशन के एक्सईएन सिटी एके शुक्ला के अनुसार ट्रांसफार्मरों और उनसे निकलने वाले करंट से जन सामान्य की सुरक्षा के लिए लगाई जाने वाली फैंसिंग के लिए अलग से कोई बजट निर्धारित नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह काम रूटीन वर्क की तरह कराया जाता है। फैंसिंग के लिए शहरी क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों का सर्वे कराकर कार्यदायी संस्था एनकेजी से यह काम जल्द कराया जाएगा।