शाहजहांपुर में कार्यशाला के दौरान जानकारी देते वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक सक्सेना। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी व एमएलआर थिएटर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नाद प्रवाह के अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन नाट्य कार्यशाला रविवार को जारी रही। इस दौरान भाव-भंगिमाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
सत्यपाल सिंह महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में दस-दस प्रशिक्षणार्थियों की दो टीमों को बनाकर जानकारी दी गई। वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक सक्सेना ने आशु अभिनव व भाव भंगिमाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नाटक में भाव ही काफी अहम होते हैं। भाव-भंगिमाओं के जरिये ही नाटक से दर्शकों को प्रभावित किया जा सकता है। संवाद