मीरानपुर कटरा (शाहजहांपुर)। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे स्थित हुलासनगरा रेलवे फाटक से गुजरते समय चंडीगढ़-लखनऊ एक्सप्रेस से कई वाहन टकरा गए थे, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। इससे हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। रविवार को हुलासनगरा रेलवे फाटक पर वाहनों के आवागमन के चलते मालगाड़ी समेत दो ट्रेनों को आउटर पर रोक दिया गया। वाहनों के गुजर जाने पर करीब पांच मिनट ट्रेनों को रवाना किया गया।
नेशनल हाईवे स्थत हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर रविवार को गेटमैन अजीत पाल ड्यूटी पर थे। शाम करीब 5:12 बजे बरेली की ओर से काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के आने का मैसेज गेटमैन को मिला। उस वक्त वाहनों के लगातार गुजरने की वजह से रेलवे फाटक बंद किया जाना संभव नहीं था। गेटमैन ने रेलवे ट्रैक खाली कराने की कोशिश की गई, लेकिन जब तक वाहन हटते इससे पहले ट्रेन आउटर पर आ गई, जिससे काशी विश्वनाथ को आउटर पर रोकना पड़ा। इस बीच शाहजहांपुर की ओर से एक मालगाड़ी आ गई। चूंकि हुलासनगरा फाटक पर ट्रैक पर वाहन गुजर रहे थे, इसलिए मालगाड़ी को भी आउटर पर रोकना पड़ा। करीब पांच मिनट बाद रेलवे ट्रैक खाली होने पर दोनों ट्रेनों को किया गया।
बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बीच हुलासनगरा क्रॉसिंग के खुले गेट से ट्रेन गुजरने से बड़ा हादसा हो गया था। जिसमें ट्रक चालक समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक डीसीएम चालक घायल हुआ था। जांच में ट्रेन के लोको पायलट व सहायक लोको पायलट की गलती सामने आने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया था। रविवार शाम को वाहनों के आवागमन से रेलवे क्रॉसिंग का गेट खुला होने पर चालकों ने समझदारी दिखाते हुए ट्रेनों को आउटर पर ही रोक लिया।