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हुलासनगरा में टूटी सड़क और गड्ढे बन रहे जाम के कारण

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शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे के चौड़ीकरण करीब 14 साल पहले शुरू हुआ था। दिल्ली से बरेली और सीतापुर से लखनऊ तक चौड़ीकरण का कार्य पूरा हो गया। मगर बरेली-सीतापुर के बीच हाईवे पर सफर करने वाले मुसीबतें झेल रहे हैं। लोगों को हुलासनगरा रेलवे फाटक पर आए दिन लगने वाले जाम से सबसे अधिक परेशानी होती है। जाम की मुख्य वजह जर्जर सड़क, उस पर बने गहरे गड्ढे और ट्रैफिक अव्यवस्था है। टूटी सड़क और गड्ढों से भारी वाहन अक्सर खराब हो जाते हैं, जो जाम का कारण बनते हैं। रेलवे फाटक बंद होने पर छोटी चार पहिया गाड़ियां और रोडवेज बसें लेन से हटकर बेतरतीब इधर-उधर से घुस जाती हैं। ड्यूटी पर मौजूद पुलिस वाले भी लापरवाही करते हैं।
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हुलासनगरा रेलवे फाटक के दोनों तरफ करीब पांच-पांच सौ मीटर तक सड़क बेहद खतरनाक हालत में है। यहां रेल पटरी के आसपास तक गड्ढे हैं, जिसकी वजह से वाहन बगैर झटके लिए नहीं निकल सकते। फटक से मीरानपुर कटरा की तरफ करीब पांच मीटर तक सड़क पूरी तरह टूटकर खत्म हो चुकी है। बीच-बीच में गड्ढे गहरे होकर खड्ढ बन गए हैं, जिससे वाहन रेंगकर निकलते हैं। फाटक से करीब सो मीटर की दूरी पर रोड किनारे खाई जैसी बनी हुई है, जिससे रास्ता संकरा हो गया है। इन गड्ढों से होकर गुजरते समय अक्सर भारी वाहन खराब हो जाते हैं। एक गाड़ी के खड़े होते ही हाईवे पर जाम लग जाता है।
हुलासनगरा फाटक से बरेली की तरफ बीच में डिवाइडर होने के साथ सड़क काफी संकरी और जर्जर हालत में हैं। जहां से गुजरते समय ट्रक और डीसीएम के अक्सर एक्सल टूट जाते हैं। इसके आगे सड़क और संकरी होने के साथ मोड़ है। सड़क से नीचे खाई जैसी बन गई है, जिससे वाहन नीचे नहीं उतारे ला सकते। ऊपर से सड़क में गड्ढे हैं। सड़क संकरी और उस पर गड्ढों की वजह से फाटक बंद होते ही जाम लग जाता है। इसके आगे बहगुल नदी के नया पुल बीच में टूटा हुआ है, जिससे वाहन एक-एक करके निकल पाते हैं।
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ट्रैफिक नियंत्रण करने के बजाय बातकर समय काटते हैं पुलिस वाले
हुलासनगरा फाटक पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन वे ट्रैफिक नियंत्रण करने के बजाय इधर-उधर बैठकर समय काटते हैं। हुलासनगरा फाटक से होकर गुजरने वाली मालगाड़ियों की खासी संख्या है। हाईवे पर ट्रैफिक भी बहुत चलता है। रेलवे फाटक बंद होने पर सामान से भरे वाहन तो एक लेन में खड़े होते हैं। मगर छोटे वाहनों वाले और रोडवेज बस चालक जल्दबाजी के चक्कर में इधर-उधर से घुसकर पूरा रास्ता जाम कर देते हैं। इस कारण फाटक खुलने के काफी देर बात तक जाम की स्थिति बनी रहती है। हालात बिगड़ने पर पुलिस कर्मियों की नींद टूटती है। फाटक बंद होने के साथ पुलिस कर्मी सड़क पर खड़े होकर इधर-उधर से घुसने वाले वाहनों को रोकें तो जाम लगने से रोका जा सकता है।
थोड़ी सी बारिश में तालाब बना हाईवे
बारिश होने से नेशनल हाईवे पर हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। मीरानपुर कटरा स्थित निर्माणाधीन ओवरब्रिज की सर्विस रोड पर गड्ढे हैं। बृहस्पतिवार को थोड़ी सी बारिश होने से सड़क पर बने गड्ढे में पानी भर गया। पानी भरने से रात में वाहन चालकों को गड्ढा दिखाई नहीं देता, जिससे हादसा होने का डर रहता है।
मुसीबतों से जल्दी नहीं मिलेगी निजात
हुलासनगरा ओवरब्रिज का निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है। निर्माण कंपनी का दावा एक साल में कार्य पूरा करने का है, लेकिन तीन महीने में सव्रिस रोड तक नहीं बन पाई है। इससे तय समय में ओवरब्रिज बनने के आसार नहीं लगते हैं। ओवरब्रिज बनने से पहले हुलासनगरा फाटक से होकर गुजरने वालों को मुसीबतें झेलने पड़ेंगी।
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