फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली सीतापुर फोरलेन: कहीं उठ रहा धूल का गुबार, कहीं जाम ने किया बेहाल

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। बरेली-सीतापुर फोरलेन निर्माण का रुका काम लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। बुधवार को कटरा में हुलासनगरा क्रॉसिंग के पास हाईवे की मरम्मत के लिए एक तरफ का ट्रैफिक डायवर्ट किया गया तो जैतीपुर रोड पर जाम लग गया। घंटों लोग जाम से जूझते रहे। एक ट्र
विज्ञापन

ट्रक गड्ढे में फंस गया तो हालात और भयावह हो गए। बाद में जेसीब मंगाकर ट्रक को निकाला गया। तब वाहन निकलना शुरू हुए।
मीरानपुर कटरा में हुलासनगरा रेलवे फाटक के पास सड़क पर गड्ढों को भरने के कार्य के चलते बुधवार सुबह लगभग 10:30 बजे से एक घंटे के लिए एक तरफ के वाहनों को जैतीपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया। इसके चलते पुलिस ने मेन चौराहे पर रूट डायवर्ट कर बरेली की ओर जाने वाले भारी वाहनों को जैतीपुर और छोटे वाहनों को गांव कसरक होकर पास कराया। जैतीपुर रूट पर जब वाहनों का दबाव बढ़ा तो यहां केबल डालने को नौगवां गोविंदपुर के पास सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे में ट्रक फंस गया। इसके बाद दूसरी तरफ से आने वाला ट्रक भी रास्ता संकरा होने के चलते फंस गया। इससे वहां जाम लग गया और दोनों ओर से वाहनों की कतार लग गई। शाम पांच बजे जेसीबी मंगाकर फंसे ट्रकों को निकाला गया, तब जाकर यातायात सुचारु हो सका।
बरेली मोड़ पर धूल का गुबार, बना रहा बीमार
लखनऊ से दिल्ली को जाने वाला रास्ता शाहजहांपुर के बरेली मोड़ से होते हुए गुजरता है। शाहजहांपुर की सीमा वाले क्षेत्र मेें हाईवे का अधिकांश हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। बरेली मोड़ इनमें से व्यस्ततम इलाका है। शहर के अंदर आने-जाने वाले और जलालाबाद की ओर से जाने वाले वाहन यहीं से होकर गुजरते हैं। यहां सड़क बिल्कुल ही खत्म हो चुकी है। इस वजह से हर समय सड़क पर धूल का गुबार उड़ता रहता है, जो आसपास काम करने वाले लोगों को रोगी बना रहा है। बुधवार को इधर से गुजरने वाले लोग धूल के उठते गुबार में फंसकर परेशान होते रहे। मगर अफसर इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

कारोबार करना हुआ मुश्किल
सबसे ज्यादा परेशानी बरेली मोड़ के आसपास कारोबार करने वालों की है, जो हर समय यहीं रहते हैं। धूल-मिट्टी की वजह से उन लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। इसके अलावा ज्यादा वाहन गुजरने पर यहां धूल का गुबार इतना गहरा हो जाता है कि सामने का वाहन दिखना भी बंद हो जाता है, जिससे हादसे का खतरा भी बना हुआ है।
धूल, धुआं श्वास की नली में फैला सकते हैं संक्रमण
डॉ. अनुषा दीक्षित के मुताबिक धूल और धुएं के कणों में अनेक प्रकार के कार्बनिक तत्व व धातुएं होने के कारण कई गंभीर बीमारियां और फ्लू भी हो सकता है। धूल और धुआं मिलकर श्वास की नली में संक्रमण फैला सकते हैं। धूल के कण नाक के रास्ते श्वास नली और सायनस में प्रवेश कर जाती है। सायनस में सूजन आने के कारण नाक से पानी आने लगता है और नाक बंद होने लगती है। सांस लेने में तकलीफ होती है। इससे सांस-दमा जैसी कई तरह की बीमारियां हो सकती है। इसलिए धूल से बचकर रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें