घने कोहरे में हाइवे से निकलता निराश्रित पशुओं का झुंड। संवाद
निगोही। शासन और प्रशासन के सख्त आदेश के बावजूद राजमार्गों पर छुट्टा पशुओं की चहलकदमी थम नहीं रही है। रविवार को सुबह करीब नौ बजे लिपुलेख-भिंड हाईवे पर चीनी मिल के आगे हंसौआ गांव के पास अचानक छुट्टा पशुओं का झुंड आ जाने से वाहनों के पहिये थम जाने से जाम के हालात बन गए।
करीब दस मिनट तक पशुओं का झुंड हाईवे के एक ओर से दूसरी तरफ निकलता रहा। इस दौरान दोनों दिशाओं की ओर जाने वाले वाहनों की लाइनें लग गईं। बाद में पशु हाईवे पर मंडराने लगे। इस पर बाइक सवारों ने उन्हें हांक कर किनारे किया। करीब दस मिनट बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका।
खास यह है कि छुट्टा पशुओं के हाईवे पर आ जाने से पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। हादसों में कई राहगीरों की जान भी जा चुकी है। कुछ माह पूर्व गैर जनपद के विधायक की कार भी छुट्टा पशुओं से टकरा चुकी है, लेकिन पशुओं की हाईवे पर रोकथाम के अब तक कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।
खंड विकास अधिकारी पुनीत पाठक के अनुसार यदि ग्राम प्रधान प्रस्ताव दें तो वह गोशाला स्वीकृत कराने का प्रयास करेंगे। ग्राम प्रधान मदन पाल वर्मा का कहना है कि पास के गांव ढकिया तिवारी में 500 पशुओं की क्षमता वाली गोशाला है और वहां इन पशुओं को भेजकर समस्या का निदान कराया जा सकता है।