शाहजहांपुर/रौसर कोठी। गेहूं, चावल, दालें आदि खाद्यान समेत गुड़ और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुओं पर जीएसटी लगाए जाने से नाराज खाद्यान्न कारोबारियों ने शनिवार को अपनी आढ़तें बंद रखीं। रोजा मंडी समेत अन्य स्थानों पर गल्ला आढ़तें सूनी पड़ी रहीं। इस बीच, उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट के पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ के नेतृत्व में रोजा मंडी जाकर वहां के गल्ला कारोबारियों के साथ प्रदर्शन किया।
रोजा कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ओर से खाद्यान्न आढ़तों के करीब 450 लाइसेंस जारी किए गए हैं। तमाम आढ़ती मंडी परिसर के बाहर भोलागंज, केरूगंज और बहादुरगंज में अपनी अथवा किराए की दुकानों से कारोबार कर रहे हैं और वहीं अपने गोदाम बना रखे हैं। इन आढ़तों पर रोज लगभग चार करोड़ रुपये का कारोबार होता है, लेकिन बंदी लागू होने से न सिर्फ आढ़तीयों को कारोबारी हानि हुई, सरकार को मंडी शुल्क मद में राजस्व प्राप्ति से भी हाथ धोना पड़ा। इस बीच, मंडी पहुंचे व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष दुआ ने पदाधिकारियों के साथ भ्रमण कर बंदी का जायजा लिया।
बाद में गल्ला कारोबारियों की बैठक में व्यापारी नेता दुआ ने कहा कि जीएसटी लागू करते वक्त सरकार ने खाद्यान्न, गुड़, चीनी, दूध, पनीर आदि को कर मुक्त रखने की घोषणा की, लेकिन अब अपने वादे के खिलाफ जीएसटी लागू कर दिया। सरकार का यह निर्णय व्यापारियों, किसानों और जनता के हित में नहीं है और उसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान नगर अध्यक्ष संजीव राठौर, मुकेश गुप्ता, नीरज गुप्ता, अतुल गुप्ता, रामचंद्र सिंघल, कुलदीप गुप्ता, राधा रमन अग्रवाल, शिव कुमार गुप्ता, कुलविंदर सिंह चंदी, लालू गुप्ता, मोहित गुप्ता, ओम प्रकाश वर्मा आदि मौजूद रहे।