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अच्छी खबर: जुलाई के अंत तक पूरा हो जाएगा कोलाघाट पुल का निर्माण कार्य

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जलालाबाद। मिर्जापुर व कलान सहित सीमावर्ती जिले फर्रुखाबाद व बदायूं तक आवागमन की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है। कोलाघाट पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और उसे इसी माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। सावन के महीने में पुल पूरा होने पर कांवड़ियों को भी राहत मिलेगी।
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खास यह है कि मई में काम शुरू करके उसे रिकार्ड तीन महीने में पूरा करने में जुटे सेतु निगम को अब केवल क्षतिग्रस्त हिस्से के क्रॉस बैरियर (रेलिंग) बनाने हैं और यह काम भी तीन दिन पहले शुरू हो चुका है। तीन स्पेन के बीच डेग (छत) डालने का काम भी पूरा कर लिया है। बरसात के मौसम के मद्देनजर पुल के नीचे खासकर स्पेन के बीच छह बीम लगाने का कार्य 26 जून को ही पूरा कर लिया गया था। अब ऊपरी हिस्से में बचे कार्य को पूरा करने में बरसात और बाढ़ की स्थिति बाधक नहीं बन सकेगी। सेतु निगम अधिकारियों के मुताबिक केवल क्रास बैरियर बनाने का शेष बचा कार्य इस माह के अंत तक होने की उम्मीद है।
बता दें कि बीते साल 29 नवंबर को पिलर धंसने से कोला पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर तीन भागों में बट गया था। इसके बाद से पुल से होकर यातायात रोक दिया गया था। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के निर्माण को लेकर चल रही अटकलों के बीच लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने इस कार्य को प्राथमिकता से कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे। सेतु निगम के अभियंताओं की टीम ने पुल के टूटे हिस्से को मजबूती देने के लिए उसे वेल फाउंडेशन के बजाय आधुनिक पाइल तकनीक से बनाने का कार्य मई में शुरू करा दिया था।
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पुल से यातायात न होने से कांवड़ यात्रा होगी प्रभावित
जलालाबाद। कोरोना के चलते दो साल स्थगित रही कांवड़ यात्रा इस साल शुरू होने से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, लेकिन इस बार पुल टूटने से समस्या बरकरार है। बड़ी संख्या में क्षेत्र के अलावा विभिन्न जनपदों के लोग ढाईघाट से जल भरकर कोलाघाट होते हुए गोला गोकर्णनाथ जाते हैं। बड़ी संख्या में कांवरथी कलान क्षेत्र में पटना देवकली स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भी कांवड़ चढ़ाते है। इसके अलावा नगर से विभिन्न हिंदू संगठनों की तरफ से निकलने वाली सामूहिक जलाभिषेक यात्रा बाइक व चौपहिया वाहनों से हर साल पटना देवकली जाती है। इस बार पुल से आवागमन अभी शुरू न होने से कांवड़ यात्रा के क्षेत्र में रूट पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि पुल से आवागमन शुरू हो जाता है तो कावंड़ियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पुल के दो स्पेन के बीच तीन डेग डालने का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब क्रॉस बैरियर (रेलिंग) निर्माणाधीन है जिसे जुलाई के अंत तक पूरा कर लेने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। पुल पर अन्य कोई कार्य शेष नहीं है। उसके बाद प्रशासन का जैसा आदेश होगा उसी के अनुरूप यातायात शुरू हो सकेगा। -नितिन वर्मा, साइट इंजीनियर/अवर अभियंता, उप्र सेतु निर्माण निगम
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