जरी जरदोजी पर कोई घोषणा न होने से मायूसी
युवा नेता अनूप वर्मा ने कहा कि आम बजट में कपड़ा उद्योग को लेकर कई घोषणा की गई हैं, पर जिले की पहचान जरी जरदोजी को अछूता रखा गया है। इससे कारीगरों को मायूसी हाथ लगी है। शाहजहांपुर को जरी जरदोजी और कालीन का हब माना जाता था। यहां पर शहर से लेकर देहात तक कारखानों में बड़ी संख्या में लोग काम करते थे। कुछ समय से कालीन और जरी जरदोजी का कारोबार ठप हो गया है।
जरी जरदोजी को एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है। फिर भी इसके दिन नहीं बदल सके हैं। अनूप वर्मा ने बताया कि आम बजट में जरी जरदोजी और कालीन के उद्योग को लेकर काफी उम्मीदें थी। सरकार ने कपड़े उद्योग पर तो ध्यान दिया, पर शाहजहांपुर के कालीन और जरी जरदोजी के कारोबार में जुटे लोगों को लाभ नहीं दिया गया है। इससे लोगों में काफी हताशा है।