शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमण में जहां लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया, वहीं ईंधन की बढ़ती कीमतों से हुई किराये में बढ़ोतरी की वजह से भी बहुत से लोग अपनी यात्राओं को स्थगित कर रहे हैं। इससे टूर एंड ट्रेवल्स संचालकों के कारोबार का गणित बिगड़ गया है। उनका कहना है कि सरकार ईंधन की कीमतों को घटाने के साथ परमिट फीस भी माफ करे।
शाहजहांपुर में करीब 20 टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी संचालक हैं। प्रतिमाह करीब 20 करोड़ का कारोबार घूमने के शौकीनों से जुड़ा है। इसमें सबसे ज्यादा व्यापार उत्तराखंड से होता है। शाहजहांपुर से उत्तराखंड की दूरी कम होने की वजह से यहां से सप्ताहांत पर करीब चार से पांच हजार लोग घूमने के लिए वहां जाते थे। इसमें जिम कार्बेट पार्क और नैनीताल का सर्वाधिक व्यापार होता है। इसके बाद हरिद्वार, देहरादून, मसूरी जाने वाले भी हैं। चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ के लिए भी श्रद्धालु जाते हैं।
एजेंसी संचालकों के मुताबिक मई और जून माह में गाड़ियां नहीं मिलती थीं, क्योंकि ज्यादातर चारधाम यात्रा पर जाती थीं। इस बार ऐसा न होने से ट्रैवल्स कारोबार ठंडा है। उन्होंने सरकार से तुरंत आर्थिक पैकेज की मांग की है, ताकि जून के महीने में यात्रा बढ़ने से उन्हें कुछ राहत मिल सके।
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ईंधन की कीमतें बढ़ने से टैक्सी का किराया दस फीसदी बढ़ गया है। यहां तक कि हवाई यात्रा का किराया भी 20 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है। इसलिए सरकार को टूर एंड ट्रैवल्स वालों को राहत देने के लिए ईंधन की कीमतों को घटाना चाहिए। - प्रशांत कुमार, संचालक
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सरकार ऐसी छूट दे कि जिससे यात्रियों को भी राहत मिल सके। उत्तराखंड में बस जाती है तो दो हजार रुपये प्रतिदिन का टैक्स सरकार को देना पड़ता है। सरकार ने नियमित बसों का टैक्स भी माफ नहीं किया है। इससे घूमने वाले यात्रियों को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
- महजूज खां, संचालक
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चार धाम यात्रा, अमरनाथ और समर हॉलीडे में घूमने लिए जाते थे। हिल स्टेशन पर गर्मियों में जाना पसंद है। जुलाई में बारिश शुरू हो जाएगी तो फिर कोई यात्रा नहीं कर पाएगा। ऐसे में सरकार को टूर एंड ट्रैवल्स के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।
- वीपी सिंह गोल्डी, संचालक
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प्रदेश सरकार को ऑल यूपी परमिट का टैक्स माफ करना चाहिए। उत्तराखंड सरकार बसों और टैक्सी से लिए जाने वाले टैक्स माफ करे। जिससे टूर एंड ट्रैवल्स कारोबारियों को राहत मिल सके। ईंधन की कीमतों पर भी विराम लगाया जाना चाहिए।
- जितेंद्र कुमार शर्मा, संचालक