शाहजहांपुर। नगर निगम के कई पार्षदों का हाथ में जल लेकर निगम की आमदनी बराबर बांटने की बात कहते हुए वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में जमकर गालीगलौज सुनाई दे रहा है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम से लेकर राजनीतिक गलियारों तक खलबली मच गई है। अधिकतर पार्षद भाजपा के हैं। महापौर के साथ ही भाजपा महानगर अध्यक्ष ने भी वीडियो की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है।
वायरल वीडियो करीब एक वर्ष पुराना है। नगर निगम बोर्ड की बैठक के बाद 30 से 40 पार्षदों का एक गुट एक स्थान पर एकत्र हुआ था। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मेज पर रखे जल को गंगाजल कहते हुए पार्षद अपने हाथ में लेते हैं। इसके बाद एक पार्षद शपथ बोलता है जिसे अन्य साथ में दोहराते हैं।
पार्षद कहते हैं कि वे कसम खाकर कहते हैं कि जो भी निगम की आमदनी होगी, वो सभी 60 पार्षदों में बराबर से बंटेगी। हमारे ग्रुप के किसी भी सदस्य पर आंच आती है तो सब इकट्ठे हो जाएंगे। इस दौरान कुछ पार्षदों की ओर से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता दिखाई दे रहा है। वीडियो किसने बनाया, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
निगम की आमदनी बांटने को भ्रष्टाचार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि जनप्रतिनिधियों का वीडियो में गालीगलौज करना उनके आचरण के विपरीत दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद शहर में इसकी खूब चर्चा हो रही है।
महापौर बोलीं- जांच कराई जाएगी
महापौर अर्चना वर्मा ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर हर जिम्मेदार नागरिक को जिस तरह का व्यवहार करना चाहिए, वैसा ही एक पार्षद को भी करना चाहिए। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उसकी जिम्मेदारी अधिक होती है। वायरल वीडियो में पार्षद क्या बोल रहे हैं, यह बिलकुल स्पष्ट नहीं है। हालांकि जो भी सुनाई दे रहा है, वह काफी निंदनीय है। मामले में वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद संबंधित नियमावली के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कमेटी करेगी मामले की जांच
भाजपा की महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने बताया कि वायरल वीडियो वास्तविक है या इसमें कोई छेड़छाड़ की गई है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि जिन शब्दों का इस्तेमाल वीडियो में किया गया है, वह काफी आपत्तिजनक, निंदनीय और महिलाओं के खिलाफ है। मामले की जांच के लिए बुधवार को कमेटी का गठन किया जाएगा। जांच के बाद अगर कोई भाजपा का पार्षद दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
15वें वित्त से संबंधित थी चर्चा : लालू पुजारी
वायरल वीडियो में नजर आ रहे वार्ड-46 से पार्षद लालू पुजारी ने कहा कि वीडियो एक वर्ष पुराना है। बोर्ड बैठक के बाद पार्षद भोजन करने के लिए एकत्र हुए थे। इस दौरान 15वें वित्त से संबंधित चर्चा हो रही थी। योजना के तहत किसी वार्ड को कम धन आवंटित हुआ था तो किसी को ज्यादा। इसी असमानता को दूर करने पर बात हो रही थी।