टोकन कटने बंद होने पर पुवायां मंडी में किसानों के साथ नारेबाजी करते किसान नेता। संवाद
पुवायां। एफसीआई के धान खरीद केंद्रों पर ज्यादा धान पड़ा होने के कारण धान भरी ट्रॉलियों को क्रय केंद्र न भेजे जाने का आदेश चस्पा करने के बाद ट्राॅलियों का मंडी परिसर के केंद्रों पर प्रवेश रोक दिया गया। इस पर किसान संगठनों के नेता और तमाम किसान धरने पर बैठ गए। बाद में तहसीलदार ने टोकन कटवाए और तौल शुरू कराई।
शनिवार को मंडी गेट पर आरएफसी के खरीद केंद्रों के प्रभारियों के हस्ताक्षर वाला एक आदेश चस्पा किया गया, जिसमें लिखा था कि केंद्रों पर काफी धान पड़ा है। इस कारण और टोकन जारी होने पर तौल संभव नहीं है। धान भरी ट्राॅलियों के टोकन आरएफसी के खरीद केंद्रों के लिए जारी न किए जाएं।
जानकारी पाकर दूसरी एजेंसियों के केंद्र प्रभारी भी मंडी गेट पहुंच गए और सभी केंद्रों पर धान भरी ट्राॅलियां नहीं भेजने के लिए कह दिया। इससे लाइन में लगे किसान भड़क उठे। भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह यादव और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन वीएम सिंह गुट के तहसील महासचिव सचिन मिश्रा समेत कई पदाधिकारियों और किसानों के साथ पहुंच गए। डीएम को जानकारी देकर एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे।
किसानों ने मंडी में ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। नायब तहसीलदार रिजवान खां पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से वार्ता की। नायब तहसीलदार ने टोकन कटवाए और तौल शुरू कराई। तौल होने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। नायब तहसीलदार ने बताया कि तौल हो रही है, अब कोई समस्या नहीं है।