खुटार। करीब दस दिन से खुटार के आसपास के गांवों में घूम रहे बाघ ने शनिवार शाम गांव छापाबोझी के राम बहादुर की बकरी को शिकार बना लिया। बाघ के कारण गांवों के लोग दहशत में हैं, लेकिन रेंजर मामले की जानकारी से ही इंकार कर रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या बड़ा हादसा होने के बाद ही वन अधिकारी कार्रवाई करेंगे।
गांव छापाबोझी निवासी रामबहादुर ने बताया कि शनिवार को उसकी 10 वर्षीय पुत्री सोनम और आठ वर्षीय पुत्री मुस्कान खेतों पर बकरी चराने गई थीं। शाम को वापस आने पर एक बकरी कम मिली तो उसने खेतों में तलाश किया। पड़ोस के गांव सरेली के हरीराम के खेत में उसकी बकरी का अधखाया शव पड़ा मिला। गांव के लोगों के अनुसार गांव नरौठा और आसपास घूम रहे बाघ ने ही बकरी को मार डाला है।
बकरी को मारे जाने की जानकारी पाकर गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे और शोर शराबा करते हुए बकरी के अधखाए शव को उठा लाए। लोगों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी बाघ की निगरानी और उसे जंगल में खदेड़े जाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं, ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बाघ के बकरी मारे जाने की जानकारी मुझे नहीं है। इस तरह की कोई शिकायत भी नहीं मिली है। गांव जंगल के किनारे है। मामले की जांच कराई जाएगी।
डीएस यादव, वन क्षेत्राधिकारी, खुटार रेंज