क्षेत्र के गांव लक्ष्मनपुर निवासी डोरीलाल शुक्रवार सुबह छह बजे गांव दिउरिया से घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में गांव नवदिया बंकी के पास गन्ने के एक खेत में उन्हें बाघ दिखाई दिया। वह शोर मचाते हुए वहां से भाग निकले और गुरुद्वारेे जाकर बाघ होने की सूचना दी। इस दौरान मौके पर कई लोग जमा हो गए और बाघ होने की जानकारी वनकर्मियों को दी, लेकिन काफी देर तक वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
डोरीलाल सहित गांव के कई लोगों ने बताया कि क्षेत्र में बाघ लगातार देखा जा रहा है, जिस कारण बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। खेतों में काम करना भी मुश्किल हो गया है, श्रमिक भी खेतों में काम करने से मना कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इससे लोगों में रोष है।