पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव कोटावारी में बाघ ने छुट्टा पशु पर हमलाकर गंभीर घायल कर दिया। गांव के पास हुई घटना में कई लोगों ने बाघ को देखकर शोर मचाया तो बाघ गन्ने के खेत में चला गया।
सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव चंदपई, कोटावारी, पिलखना, मजरा, सिसैया, बढ़ेला, किरतापुर, महाऊ दुर्ग के गांवों के पास जनवरी से एक बाघ देखा जा रहा है। सात माह से वनकर्मी लोगों को जागरूक करने के लिए पंफलेट बांटकर कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। बाघ अब तक कई वन्य पशुओं, बकरे आदि को मार चुका है। सोमवार को बाघ ने गांव श्यामपुर के पास एक बकरे को मार डाला था। मंगलवार को बाघ ने गांव कोटावारी के पास एक छुट्टा पशु पर हमला कर दिया। पशु के चिल्लाने पर गांव के लोगों ने बाघ को देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर बाघ पशु को छोड़कर गन्ने के खेत में चला गया। इसके बाद मामले की सूचना वनकर्मियों को दी गई तो वनकर्मी मौके पर पहुंचे और लोगों को सावधान रहने की नसीहत देकर कांबिंग की बात कहकर चले गए। देर रात तक गांव के तमाम लोग एक स्थान पर जमा होकर शोर शराबा कर पीपा, ढोलक आदि बजा रहे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि बाघ के गांव के पास होने से गांव के लोगों को बड़ा खतरा है।
रेंजर बोले, ग्रामीण सजग रहें
रेंजर रमाकांत सक्सेना ने कहा कि रात आठ बजे तक वह भी टीम के साथ गांव कोटावारी में मौजूद हैं। लोगों को जागरूक किया गया है कि अकेले खेत पर न जाएं। सुबह जल्दी और देर रात घर से न निकलें। वन्य पशु दिखने पर एकजुट होकर शोर करें और वनकर्मियों को जानकारी दें।