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खुटार में फार्म से कुत्ते को खींच ले गया बाघ

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इसी स्थान से कुत्ते को गन्ने में खींच ले गया बाघ - फोटो : POWAYAN
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खुटार (शाहजहांपुर)। गांव बरवटपुर में एक फार्म पर बंधे कुत्ते को बाघ गन्ने के खेत में खींच ले गया और मार डाला। सुबह कुत्ते का आधखाया शव खेत में पड़ा मिला। सूचना के बाद भी रात में कोई वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे लोगों में दहशत और रोष है। हालांकि सुबह घटनास्थल पर पहुंचे वन कर्मियों ने पगचिह्न गुलदार के होने की बात कही है।
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गांव कुंभिया माफी के मजरा बरवटपुर के निवासी गुरुदेव सिंह का फार्म खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट के जंगल से पांच सौ मीटर की दूरी पर है। गुरुदेव सिंह ने बताया कि शनिवार रात वह पत्नी बलबीर कौर, पुत्री मंदीप कौर, पुत्र अक्षदीप सिंह, सुप्रीत सिंह, गुलशनप्रीत सिंह, भतीजे सुखपाल सिंह के साथ खाना खाने के बाद छत पर सोने चले गए। उनका कुत्ता घर के बाहर जंजीर से बंधा हुआ था। रात करीब पौने दस बजे बाघ ने बाहर बंधे कुत्ते पर हमला कर दिया। कुत्ते की चिल्लाने की आवाज सुनकर वह उठे तो बाघ कुत्ते को खींचकर पास के गन्ने के खेत में ले जा रहा था। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने भी शोर मचाया तो बाघ कुत्ते को छोड़कर गन्ने के खेत के अंदर चला गया। सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। सुबह पास के गांव कुभियां माफी, रायपुर पटियात आदि के लोग मौके पर पहुंचे। बाद में लोग लाठी, डंडे लेकर गन्ने के खेत के अंदर गए तो कुत्ते का अधखाया शव पड़ा मिला। लोगों का कहना है कि रात को ही सूचना देने के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे, इससे साफ है कि अधिकारियों को बड़े हादसे का इंतजार है। वन दरोगा ने बताया कि वह मौके पर हैं। जो पगचिह्न मिले हैं वह गुलदार के हैं। जांच की जा रही है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
खुटार के कई गांवों के लोग बाघ को लेकर परेशान
सूचना के बाद भी नहीं पहुंचते हैं वनकर्मी, लोगों में रोष
खुटार। खुटार के कई गांवों में बाघ देखे जाने से लोग परेशान हैं, लेकिन वनकर्मी लोगों की सूचनाओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गांव कुंभिया माफी, रायपुर पटियात, रसवां कलां आदि के लोगों का कहना है कि बाघ ने कुत्ते को मार दिया है। ऐसे में यदि परिवार के लोग बाहर सो रहे होते तो अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। उन लोगों को आशंका है कि बाघ अभी भी गन्ने के खेत में ही है। इसके बाद भी वनकर्मी लापरवाही बरत रहे हैं। रात में बाघ गांव में जाकर हमला कर सकता है।
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गौरतलब है कि 24 अगस्त को सिहुरा बीट के लौहंगापुर जंगल में बाघ के पगचिह्न देखे गए थे। सूचना पर डीएफओ आदर्श कुमार मौके पर पहुंचे और बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए थे। जिसके बाद बाघ के मूवमेंट को देखने के लिए कैमरे भी लगवाए गए थे। इसके बाद बाघ गांव भरकलीगंज में बाबू शाह और उनके पुत्र पर हमला कर घायल कर चुका है। गांव रजमना, सिंहपुर, खजुरिया आदि में भी बाघ देखा जा चुका है, लेकिन वनकर्मी चुप्पी साधे बैठे हैं।
मौके पर मिले पगचिह्न जांचें जा रहे हैं। प्रथम दृष्टया कुत्ते को मारने वाला बाघ नहीं गुलदार लग रहा है। वनकर्मी मौके पर हैं। जंगल के किनारे वन्य प्राणी शिकार की तलाश में आ जाते हैं। लोग सावधानी बरतें और अकेले खेत पर न जाएं। गन्ने के खेत से भी दूर रहें। - डीएस यादव, रेंजर खुटार
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