शाहजहांपुर। कोरोना वायरस से खतरे को देखते हुए लोगों ने अपने पूर्व निधार्रित प्रोग्राम भी रद्द करने शुरू कर दिए हैं। अधिकतर लोग बेवजह यात्रा करने से भी बच रहे हैं, जिसके चलते रेलवे स्टेशन पर भी भीड़ कम दिखने लगी है। गर्मी की छुट्टी में बच्चों के साथ बाहर घूमने जाने का प्रोग्राम बनाकर बैठे थे, उन लोगों ने भी अपने रिजर्वेशन रद्द कराने शुरू कर दिए हैं। पिछले तीन दिन में 120 लोग अपना रिजर्वेशन कैंसिल करा चुके हैं।
कोराना वायरस से बचाव के लिए रेलवे यात्रियों को जागरूक करने के साथ ही स्टेशन को सैनिटाइज करा रहा है। लोगों से आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की जा रही है, जिसका असर अब शाहजहांपुर स्टेशन पर दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार को त्रिवेणी, जननायक और सियाहदाह एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। आम दिनों में खचाखच भरे रहने वाले जनरल कोच में भी गिनती के लोग ही बैठे थे। स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार के मुताबिक देहरादून, लखनऊ, हावड़ा, जाने वाली ट्रेनों में चार महीने पहले से रिजर्वेशन कराने वाले अब उन्हें कैंसिल कराने में लगे हुए हैं। पिछले दो-तीन दिनों में 120 से ज्यादा टिकट कैंसिल कराए जा चुके हैं। हालांकि तत्काल टिकट बुक कराने वालों की संख्या सामान्य दिनों की तरह ही है। वहीं, साधारण टिकटों की बिक्री में काफी कमी आई है। सामान्य दिनों में जहां 600 से 700 टिकट बिकते थे, वहीं अब 250 से 300 ही बिक रहे है। टिकट विंडो क्लर्क के मुताबिक शाम की ट्रेनों में भीड़ अभी भी उतनी ही है, जितनी सामान्य दिनों में रहती है। सात बजे के बाद आने वाली गाड़ियों के 700 से 800 टिकट तक बिक जाते हैं। इसके अलावा स्टेशन के बाहर टिकट बेचने वाले निजी काउंटरों पर बिक्री आम दिनों की तुलना में तीस फीसदी ही रह गई है।
दिनभर में बिका मात्र एक प्लेटफॉर्म टिकट
रेलवे ने बरेली समेत कई स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट का मूल्य 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है। इससे प्लेटफॉर्म टिकट खरीदने वालों की संख्या एक प्रतिशत ही रह गई। बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर में सिर्फ एक प्लेटफॉर्म टिकट ही बिका। कुछ यात्री प्लेटफॉर्म टिकट लेने भी पहुंचे लेकिन बोर्ड पर 50 रुपये लिखे देख वापस हो लिए।
स्टेशन पर आने वालों के धुलवाए हाथ
कोरोना वायरस से बचाव के लिए रेल प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर कैंप लगाया गया। यहां यात्रियों को डिटॉल और सेवलॉन से हाथ धुलवाए गए। मगर स्टेशन पर आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए यहां कोई इंतजाम नहीं किया गया है।