शाहजहांपुर। रेलवे स्टेशन पर पान या गुटखा खाकर थूकने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। राजकीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रेलवे ट्रैक और परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर लगाम लगाने के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दी है। इसके साथ ही छह महीने की जेल का प्रावधान भी है। अभी तक यह जुर्माना राशि 1000 रुपये थी।
रेल मंडल प्रबंधक मुरादाबाद ने पत्र जारी कर रेलवे ट्रैक और स्टेशन पर गंदगी फैलाने वालों पर एनजीटी की ओर से जुर्माना लगाए जाने की जानकारी दी है। इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशन व ट्रैक को साफ सुथरा रखना है। रेल अधिकारियों की मानें तो स्टेशन के अंदर थूकने और कूड़ा फैलाने पर 500 से 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। बावजूद इसके गंदगी में कमी नहीं आ रही थी। इससे समस्या यह हो रही थी कि दिन में चार-पांच बार प्लेटफॉर्म साफ कराने के बावजूद जहां-तहां खाने-पीने और दूसरी चीजों का कूड़ा जमा हो जाता था। स्टेशन को कैसे साफ-सुथरा रखा जाए इस बात को ध्यान में रखते हुए हाल ही में एनजीटी के एक आदेश को मुरादाबाद मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों पर लागू करने का निर्णय लिया गया। इसमें गंदगी फैलाने वालों पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
टिकट कलेक्टर को सख्ती करने के दिए गए आदेश
स्टेशन के कई टिकट कलेक्टर को सख्त आदेश दिए गए हैं कि अगर कोई यात्री या अपने किसी परिचित को छोड़ने आने वाला व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलाता हुआ दिखाई देता है, तो उसका पांच हजार रुपये का चालान काटा जाए। उम्मीद है कि इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
जागरूकता को रेलवे स्टेशन पर बांटे गए पर्चे
रेल यात्रियों व उनके परिजनों को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशन पर पंफलेट का वितरण किया गया। इसमें वैधानिक चेतावनी दी गई है कि रेलवे परिसर और ट्रैक पर कूड़ा फेंकना, खुले में शौच और पेशाब करना, कोई अनाधिकृत पोस्टर चिपकाना, रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, गुटखा आदि थूकना, रेलवे ट्रैक पार करना और अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए रेलवे एक्ट 1989 की विभिन्न धाराओं के तहत छह महीने तक का कारावास या 1000 रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों सजाएं एक साथ हो सकती हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के तहत 5000 का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
रेलवे स्टेशन व ट्रैक पर कूड़ा फेंकना, पान-पुड़िया खाकर थूकना, खुले में शौच करने पर पहले से ही पाबंदी है। इसके बाद भी अगर कोई गंदगी फैलाता है तब उस पर एनजीटी के आदेशानुसार पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। इसके साथ ही छह महीने की जेल का प्रावधान भी है। यह नियम लागू कर दिया गया है। - शशांक पांडेय, खाद्य एवं सफाई निरीक्षक, रेलवे स्टेशन शाहजहांपुर।