महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संध के प्रांतीय आह्वान पर मानदेय में बढ़ोत्तरी समेत अन्य कई मांगों को शासन स्तर पर लंबित रखे जाने के विरोध में जिले की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने शुक्रवार से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी करके कलमबंद हड़ताल छेड़ दी। कलक्ट्रेट पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ हंगामेदार प्रदर्शन करके धरना दिया और सरकार को लंबित मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन के लिए हरी ड्रेस से लैस कार्यकत्रियों ने सुबह दस बजे से कलक्ट्रेट पहुंचना शुरू कर दिया। दोपहर 12 बजे तक विभिन्न ब्लॉकों से इतनी कार्यकत्रियां पहुंच गईं कि कलक्ट्रेट का कैंपस छोटा पड़ने लगा। धरना स्थल के पास कलक्ट्रेट कैंपस में पोर्च की ओर जाने वाला रोड कार्यकत्रियों ने कब्जा करके वहीं पर धरना देना शुरू कर दिया। उनकी भारी भीड़ जुटी देख संघ की जिलाध्यक्ष पद्मा रस्तोगी, संरक्षक विश्व मोहन भारद्वाज, भाकपा नेता रामशंकर लाल, शोषित मोर्चा के प्रदेश महासचिव फकीरे लाल भोजवाल आदि पदाधिकारियों सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू करा दी।
कार्यकत्रियों ने गैर विभागीय कार्यों के बदले तीन हजार रुपये मासिक मानदेय को अपर्याप्त बताते हुए नारा लगाया-तीन हजार में दम नहीं, तीस हजार से कम नहीं। मुख्यमंत्री को भी नारेबाजी में निशाने पर लिया। इसके बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो उनका धैर्य जवाब देने लगा और उन्होंने आक्रामक रुख अपना लिया। पदाधिकारियों के निर्देश पर कार्यकत्रियाेें का एक समूह वहां से उठकर रोड पर आ गया।
रोड जाम में फंसी ग्राम प्रधानों की स्वराज यात्रा
कार्यकत्रियों के हुजूम ने कचहरी रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू किया तो सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसी दौरान यहां पहुंची ग्राम प्रधानों की स्वराज यात्रा का वाहन भी जाम में फंस गया। वाहन पर बैठे पदाधिकारी डीएम को ज्ञापन देने के लिए कलक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन काय्रकत्रियों के तीखे तेवर देख प्रधानों को यात्रा वाहन दूसरे रास्ते पर मोड़ना पड़ा।
टेंपो की टक्कर से कार्यकत्री हुई बेहोश, भड़का गुस्सा
रोड जाम के दौरान भीड़ में आगे निकलने की कोशिश कर रहे एक टेंपो की टक्कर लगने से प्रदर्शन में शामिल कार्यकत्री मायावती रोड पर गिरकर बेहोश हो गई। टेंपो लेकर किसी तरह चालक वहां से खिसक लिया, लेकिन इस घटना से अन्य कार्यकत्रियों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने दोबारा कलक्ट्रेट जाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रचार वाहन घेरा, मुख्यमंत्री के चित्र पर फेंका कीचड़
प्रदर्शन के दौरान उत्तेजित कार्यकत्रियों ने कलक्ट्रेट कैंपस में डीएम दफ्तर के बाहर खड़े सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के एलईडी स्क्रीन वाले प्रचार वाहन को निशाने पर ले लिया। उन्होंने वाहन पर लगे मुख्यमंत्री के चित्र पर कीचड़ फेंककर अपना गुस्सा उतारा। हालांकि, लोहे की जाली से ढंकी एलईडी स्क्रीन को कोई क्षति नहीं पहुंची। करीब चार घंटे तक हंगामेदार प्रदर्शन करने के बाद कार्यकत्रियों ने अपरान्ह साढ़े तीन बजे घर की राह पकड़ी।