शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग के दस्तक अभियान ने तेजी पकड़ ली है। विभाग ने तीन हजार आशा कार्यकर्ता को सर्वे के लिए लगाया है। आशाएं घरों में दस्तक देकर मरीजों की सूची बनाकर ई-कवच पोर्टल पर अपलोड कर रही हैं, साथ ही मरीजों को पीएचसी और सीएचसी पर रेफर किया जा रहा है।
दस अप्रैल से प्रारंभ दस्तक अभियान में आशा कार्यकर्ताओं को घरों का सर्वे करने का जिम्मा दिया। इसके तहत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बुखार, फाइलेरिया, टीबी, मलेरिया, दिमागी बुखार के मरीजों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए सीएचसी-पीएचसी पर रेफर कर रही हैं। इनकी सूची को ई-कवच पोर्टल पर अपलोड भी किया जा रहा है।
एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्येक दिन में एक आशा को 25 घर कवर करने के लिए निर्देश दिए हैं। ऐसे में लक्षित क्षेत्र में आधे से ज्यादा एरिये तक आशा पहुंच गई हैं। वह मच्छराें से बचाव, हाथ धुलने का तरीका भी बता रही हैं। अभियान का समापन 30 अप्रैल को होगा।
डिप्थीरिया रोग से पीड़ित पांच संदिग्ध मरीज मिले
जिले में डिप्थीरिया रोग से पीड़ित पांच संदिग्ध मरीज मिले हैं। इनके गले में दर्द और सूजन जैसे लक्षण मिलने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इनकी जांच कराकर रिपोर्ट लखनऊ भेजी गई है। एसीएमओ ने बताया कि बच्चे उपचार के बाद स्वस्थ हो गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।