परिषदीय स्कूलों में संचालित मिड-डे-मील योजना को पटरी पर लाने के लिए बीएसए राकेश कुमार के निर्देश पर बुधवार को चलाए गए निरीक्षण अभियान में कई अनियमितताएं मिलीं। निरीक्षण में 25 स्कूलों में मिड-डे-मील बंद पाया गया, 144 स्कूलों में बच्चों को दूध का वितरण नहीं किया जा रहा था, 41 शिक्षक-शिक्षिकाएं अनुपस्थित पाए गए। इतना ही नहीं तीन स्कूल तो बंद पाए गए। अनुपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं का एक दिन का वेतन काटने और बंद स्कूल के पूरे स्टाफ की वेतनवृद्धि रोक दी गई है।
एमडीएम के जिला समन्वयक निश्चय सिंह ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण बेपटरी हुई एमडीएम योजना को पटरी पर लाने के लिए बुधवार को सामूहिक निरीक्षण अभियान चलाया गया। यह अभियान जिले के 2237 स्कूलों में चला। निरीक्षण में 25 स्कूलों में एमडीएम संचालित होते हुए नहीं मिला, जिस पर तत्काल बच्चों के लिए मीनू के अनुसार एमडीएम शुरू कराने के निर्देश दिए गए। जिन 144 स्कूलों में दूध का वितरण नहीं हो रहा था, वहां के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बीएसए राकेश कुमार ने अनुपस्थित पाए गए 41 शिक्षक-शिक्षिकाओं का एक दिन का वेतन काटने और बंद मिले भावलखेड़ा के प्राथमिक विद्यालय शेरपुर बरनई, तिलहर के प्राथमिक स्कूल मिल्कीपुर प्रथम और जैतीपुर के प्राथमिक स्कूल कोठा स्कूलों के पूरे स्टाफ की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए हैं।