शाहजहांपुर। जहर देकर व्यवसायी की हत्या में तीन प्रापर्टी डीलरों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। संपत्ति खरीदने के बाद बिक्री के रुपये न देने पड़ें इसलिए जहर देकर दिल्ली के रहने वाले युवक की हत्या कर दी थी।
नई दिल्ली के थाना क्षेत्र सागरपुर डाबड़ी के वेस्ट सागरपुर में रहने वाले भारत कुमार खेमका ने सदर बाजार थाने में तहरीर दी थी कि 26 अप्रैल, 2013 को वह अपने भाई दीपक खेमका के साथ शाहजहांपुर आया था। वे लोग सुनहरी मस्जिद के पास मोहल्ला मोहम्मदजई में अपनी पैतृक संपत्ति को बेचना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने मोहल्ला सिंजई के रहने वाले प्रापर्टी डीलर सोनू खान, सरताज खान से संपर्क किया। उनके साथी कल्लू खां उर्फ रिजवान, अनीस उर्फ छोटू और अंजुम खान से भी बातचीत की।
उन लोगों ने दस लाख रुपये में मकान का सौदा कल्लू खां से कर लिया। 30 अप्रैल 2013 को पैतृक मकान का बैनामा उनकी मां मधु खेमका से कल्लू खां ने अंजुम खां के नाम कराया। उन लोगों ने 5.5 लाख रुपये दिए और शेष रुपये बाद में देने की बात कही। एक मई को बैनामा के बाद सरताज, कल्लू और अनीस व अंजुम ने दबाव बनाकर मां मधु खेमका को वापस दिल्ली भेज दिया। उन लोगों ने कहा कि वे एक-दो दिन में शेष रुपये दीपक को देंगे। इस पर भारत और मधु दिल्ली चले गए। रुपये लेने के लिए भाई दीपक खेमका स्टेशन रोड स्थित पैराडाइज होटल में रुक गया। तीन मई को जब परिजनों ने दीपक से संपर्क का प्रयास किया तो कॉल नहीं उठी।
अनहोनी की आशंका में भारत, भाभी ज्योति खेमका दिल्ली से शाहजहांपुर पहुंचे। होटल के मैनेजर ने बताया कि दीपक कमरे से बाहर नहीं निकले हैं। कमरे के बाथरूम में दीपक का शव मिला। उसकी नाक से खून निकला हुआ था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने कल्लू खां उर्फ रिजवान खां, अनीस उर्फ छोटू और अंजुम खां को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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जहर देकर की गई थी हत्या
जिला शासकीय अधिवक्ता दांडिक अनुज सिंह ने बताया कि हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। दोषियों ने दीपक को खाने में जहर दे दिया था। जहर इस प्रकृति का था कि शरीर में जाने के थोड़े समय बाद असर दिखाना शुरू किया। इस वजह से दीपक खाना खाने के बाद आराम से कमरे के अंदर तक गया। यहां पर उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में जहर से मृत्यु की पुष्टि हुई थी।