जलालाबाद (शाहजहांपुर)। नदियों का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। रामगंगा और बहगुल के बीच बसे थाथरमई, उइला, मड़ैया गुजरान, संगाहा, हवा मड़ैया, कुंडरा, चितरऊ, नगरा, पहाड़पुर और कीलापुर की मड़ैया समेत कई गांवों में रिहायशी इलाकों तक पानी पहुंच गया है। बीते दस दिनों से फसलें जलमग्न हैं। तिकोलाघाट मार्ग पर करीब 100 मीटर क्षेत्र में डेढ़ से दो फुट पानी तेज बहाव के साथ चल रहा है। इससे गांवों के टापू बनने की आशंका है। प्रशासन की ओर से उपलब्ध छोटी मोटरबोट आबादी के लिहाज से नाकाफी साबित हो रही है।
चितरऊ के पास रामगंगा और बहगुल एक होकर बह रही हैं। बुधवार को रामगंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ा। डबरी घाट पर नदी खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर ऊपर है। तेज बहाव के कारण जलालाबाद में कोचिंग और कॉलेज जाने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। उइला निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि तिल, उर्द और बाजरा की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
संगाहा निवासी ऊधम पाल ने कहा कि बाढ़ग्रस्त गांवों में सरकारी सहायता नहीं मिली है। थाथरमई निवासी सुरजीत ने सड़क ऊंची कराने की मांग की। छोटी और बड़ी कसारी के बीच सड़क पर करीब 100 मीटर क्षेत्र में तेज बहाव है। चार दिन से आवागमन प्रभावित है। स्कूली बच्चे मोटरबोट से आ-जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार दैनिक जरूरतों और पशुओं के चारे की व्यवस्था भी मुश्किल हो गई है।
तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि प्रभावित गांवों के लिए 25 नाव और छह मोटरबोट उपलब्ध हैं। 350 राहत राशन किट की मांग की गई है। मंडी समिति, आईटीआई कोला और खंडहर में राहत शिविर तैयार किए जा रहे हैं।
तिलहर में गर्रा का पानी घटा, ग्रामीणों को राहत
तिलहर। गर्रा नदी का जलस्तर घटने से आजमाबाद, बिहारीपुर जिकड़ीपुर, चितीबोझी और रटा-रटी समेत बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली। एसडीएम आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्व टीमें नुकसान का सर्वे कर रही हैं। कटान रोकने के लिए मिट्टी से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं। प्रभावित गांवों में गोताखोर भी तैनात हैं। नुकसान का विवरण पोर्टल पर दर्ज कराकर पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। संवाद
जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे के 200 मीटर क्षेत्र में अब भी दो फुट पानी
मिर्जापुर। जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर करीब 200 मीटर क्षेत्र में दो फुट पानी बह रहा है। छोटे वाहनों का निकलना मुश्किल है। बैलगाड़ी चालक बाइक समेत राहगीरों को पानी पार करा रहे हैं और प्रति बाइक 100 रुपये ले रहे हैं। उधर, ग्रामीणों ने मोटरबोट चालकों पर लाइफ जैकेट नहीं पहनने, ओवरलोडिंग और मनमाना किराया वसूलने के आरोप लगाए हैं। तहसीलदार अजहर अंसारी ने कहा कि सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा और वसूली की शिकायत पर चालकों से जवाब मांगा जाएगा।
जलालाबाद के तिकोला के पास पानी मे डूबी तिल की फसल। संवाद
जलालाबाद के तिकोला के पास पानी मे डूबी तिल की फसल। संवाद