आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे 20 प्रतिशत के हिसाब से ब्रोकर को नकली नोट देते थे। आरोपी डॉ. नफीस ने बताया कि वह पैथोलॉजिस्ट है। उसका काम चल नहीं रहा था।
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बेरोजगारी के चलते उसने रामपुर जिले के थाना शाहाबाद क्षेत्र के रमाना गांव के रहने वाले गुरु जाकिर से नकली नोट बनाना सीखा था। कोरोना काल में गुरु जाकिर की मौत हो गई थी। इसके बाद से वह अपने साथियों के साथ यही काम कर रहा है। नोएडा और अमरोहा जिले में नकली नोट चला चुके हैं।
चलती कार में बना लेते थे नकली नोट
आरोपी डॉ. नफीस ने पूछताछ में बताया कि पंकज गंगवार ने अलग-अलग जिलों में नकली नोट चलाने के लिए तीन महीने पहले कार लोन पर ली थी। इसकी किस्त भी अभी नहीं निपट पाई है। उसके बाद इसी कार से नकली नोट खपाने निकलते थे। कार के अंदर बैठकर भी नकली नोट बना लेते थे। एसपी ने बताया कि गैंग में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।