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साढ़े तीन एकड़ जमीन, मदद राशि 15 सौ रुपये

Fri, 15 May 2015 11:45 PM IST
पुवायां (शाहजहांपुर)
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पुवायां तहसील में बारिश से खराब हुई फसलों के सर्वे और उनकी सहायता राशि वितरण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। सर्वे में लापरवाही की किसानों की शिकायतें सही साबित होने पर दो लेखपाल निलंबित भी किए जा चुके हैं, लेकिन शिकायतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
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शुक्रवार को पुवायां ब्लाक के गांव खतौआ के किसान बलविंदर सिंह और सुखदेव सिंह एसडीएम लालबहादुर से मिले। किसानों ने बताया कि उनके साढ़े तीन एकड़-तीन जमीन है। बारिश में खेत में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से खराब हो गई, जिस कारण उन्हें भारी घाटा उठाना पड़ा है। उन लोगों ने तहसील प्रशासन से सहायता राशि की गुहार की थी, लेखपाल ने उन लोगों को डेढ़-डेढ़ हजार रुपये के चेक दिए हैं। साढ़े तीन एकड़ फसल खराब होने पर डेढ़ हजार की सहायता राशि किसानों के साथ मजाक है।
एसडीएम ने किसानों की बात सुनकर दोनों किसानों को तहसीलदार रत्नाकर मिश्रा के पास भेज दिया। किसानों ने कहा कि वह चेक वापस करने आए हैं। ऐसी सहायता लेने से कोई लाभ नहीं है। तहसीलदार ने किसानों से चेक वापस नहीं लिए और उल्टे उनकी कड़ी फटकार लगा दी। परेशान किसानों ने कहा कि तहसील प्रशासन लेखपालों को बढ़ावा दे रहा है। कुछ लेखपालों ने सहायता राशि के वितरण में भारी धांधली की है। वास्तविक किसानों को सहायता राशि के लिए भटकना पड़ रहा है। दोनों किसानों ने कहा कि वह डाक से चेकों को तहसीदार को वापस कर देंगे। तहसीलदार रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि कई बार लोगों के पास छोटे गाटा में जमीन होती है। ऐसे में एक गाटा का चेक बन जाता है और किसान को लगता है कि ज्यादा जमीन होने के बाद भी सहायता राशि कम दी गई है। मामले की जांच कराई जाएगी।
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मुड़िया कुर्मियात के किसानों में भी नाराजगी
मझिगवां/पुवायां। गांव मुड़िया कुर्मियात की प्रधान शर्मिला देवी के पति श्रवण वर्मा, संतोष कुमार, मनोज कुमार, छत्रपाल, बीनू, ब्रजबिहारी, नारायण, बिटोली देवी, राजाराम, धर्मपाल सिंह आदि ने आरोप लगाया है कि लेखपाल सहायता राशि की चेक अपने आवास से वितरित कर रहे हैं। गांव के कुछ किसानों के ही चेक बनाए गए हैं, जबकि तमाम किसान सहायता राशि से वंचित हैं। किसानों ने सहायता राशि दिलवाने की मांग की है।
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