शाहजहांपुर। 2022 के विधानसभा चुनाव में फर्जी वोटिंग से रोकने की रंजिश में सपा के पोलिंग एजेंट की हत्या के दोषी तीन भाजपा समर्थकों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
निगोही थाना क्षेत्र के गांव विक्रमपुर चकौरा के रहने वाले नेम सिंह यादव ने 15 फरवरी 2022 को थाने में तहरीर देकर बताया था कि उसका बेटा सुधीर विधानसभा चुनाव में तिलहर सीट से लड़ रहे सपा प्रत्याशी रोशनलाल वर्मा का पोलिंग एजेंट था। 14 फरवरी 2022 को मतदान के दिन भाजपा समर्थक फर्जी वोट डलवाने का प्रयास कर रहे थे।
सपा के पोलिंग एजेंट सुधीर ने उनको रोका तो वे लोग रंजिश मानने लगे। मतदान समाप्त होने के बाद सुधीर घर जा रहा था। राजेश्वर ने समर्थकों के साथ उसे घेर लिया था। तभी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और मामला रफादफा कर सुधीर को घर पहुंचा दिया गया था। इसी रंजिश में राजेश्वर सिंह, राकेश सिंह, सुशांत सिंह, विशेष यादव, अनुज सिंह व अन्य ने 15 फरवरी को सुबह सात बजे उसके घर पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। उसके बेटे को घेर लिया। राजेश्वर सिंह ने बेटे को गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर वहां से चले गए। पुलिस ने राजेश्वर सिंह, सुशांत सिंह, विशेष यादव, राकेश सिंह, अनुज सिंह व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने राजेश्वर की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया।
विवेचना के बाद राकेश सिंह, विशेष सिंह और राजेश्वर सिंह के विरुद्ध आरोपपत्र अदालत भेजा गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने राजेश्वर, विशेष यादव और राकेश सिंह को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।