शाहजहांपुर। ग्रामीण इलाकों में लोगों से रुपये वसूल कर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का गढ़ियारंगीन पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य व ग्राम पंचायत अधिकारी की फर्जी मोहरें बरामद हुई हैं।
थाना प्रभारी सुंदरलाल वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंगलवार सुबह पौने चार बजे ग्राम पृथ्वीपुर तिराहे के पास से कार सवार युवकों को दबोच लिया। तीनों युवक संदिग्ध प्रतीत हो रहे थे। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो फर्जी आधार कार्ड बनाने संबंधी उपकरण आदि बरामद हुए। युवकों ने पुलिस को बरगलाने का प्रयास किया लेकिन कामयाब न हो सके। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने राज उगल दिया। सीओ तिलहर बीएस वीर कुमार ने बताया कि जलालाबाद के याकूबपुर निवासी नवीन शर्मा, तिलकराज उर्फ विशाल निवासी लहराबर, अखिलेश वर्मा निवासी ग्राम नूरपुर करई को गिरफ्तार किया है। गिरोह वर्ष 2019 से यह काम कर रहा था। आरोपियों के पास से आधार कार्ड संबंधी फर्जी प्रपत्र, मोहरें, उपकरण, तीन मोबाइल, कार व नकदी बरामद हुई है।
फर्जी मोहर और हस्ताक्षर बनाकर दे देते थे आधार
तीनों युवकों ने पुलिस की पूछताछ में कई बातें बताईं। वह गांवों में आधार कार्ड बनाने के लिए बिना नंबर प्लेट की कार से जाते थे। आधार कार्ड बनाने की सारी व्यवस्था कार में रहती थी। सीओ तिलहर सीओ ने बताया कि आरोपी फर्जी फार्म भरकर विभिन्न स्कूलों व ग्राम पंचायत अधिकारी की फर्जी मोहरें लगा देते थे। फर्जी हस्ताक्षर बनाकर स्कैनर से कंप्यूटर सिस्टम पर अपलोड कर रसीद निकाल देते थे। जिसका आधार कार्ड बनाया जाता था उसके भी फर्जी हस्ताक्षर खुद ही बना लेते थे।
डेढ़ सौ रुपये में उपलब्ध करा देते थे आधार कार्ड
शाहजहांपुर। गढ़ियारंगीन थाना क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का सारा काम काम में चलता था। वह भोले भाले ग्रामीणों को डेढ़ से 200 रुपये में फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध करा देते थे। अभी तक गिरोह के सदस्यों ने बरेली, सीतापुर, हरदोई आदि जिलों के दर्जनों गांवों में सैकड़ों लोगों से ठगी की है। मास्टर माइंड तिलकराज उर्फ विशाल है।
थाना प्रभारी सुंदर लाल वर्मा के मुताबिक, विशाल ने 2019 में बैंक के जरिये आधार कार्ड संशोधन की परीक्षा दी थी। वहां से प्रमाण पत्र लेने के बाद कुछ दिन कार्य किया। इसके बाद वह खुर्शीद के संपर्क में आ गया था। खुर्शीद का जलालाबाद में जनसेवा केंद्र है। तिलकराज ने कुछ दिन उसके जनसेवा केंद्र में काम किया। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड बनाने के धंधे में उतर गया। पुलिस ने कार से फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए प्रिंटर, मॉनीटर, की-बोर्ड, फिंगर प्रिंट स्कैनर, वेब कैमरा, हब मोबाइल, जीपीएस डिवाइस, इन्वर्टर और बैटरी बरामद की है।
पूरी प्लानिंग से काम करते थे आरोपी
पांच साल के नीचे के बच्चे का आधार कार्ड सचिव की स्वीकृति के बाद बनता है। वे संबंधित व्यक्ति या बच्चे का डाटा एक साइट पर अपलोड कर रसीद निकाल देते थे। उसी पर फर्जी मुहर और हस्ताक्षर कर रसीद देकर रुपये वसूल लेते थे। ग्रामीणों को बता देते थे कि तीन महीने के बाद आधार कार्ड आ जाएगा।
नए गांव के लिए नई नंबर प्लेट को गाड़ी पर लगाते थे ठग
सीओ बीएस वीर कुमार ने बताया कि 18 सितंबर को मानपुर त्रिलोकपुर गांव में बनाए छह आधार कार्ड की रसीदें आरोपियों के पास से बरामद हुईं हैं। उनके पास से मिली गाड़ी पर नंबर प्लेट फर्जी है। यह गाड़ी रजिस्टर्ड भी नहीं है। नए गांव में जाने के लिए नई नंबर प्लेट का उपयोग किया करते थे।
ग्राम के नाम के आगे ब्लैंक, यह था फंडा
आरोपियों के पास से तमाम फर्जी मुहरें बरामद हुई हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से बरामद ग्राम पंचायत अधिकारी की मोहरों में अधिकतर में गांव का नाम की जगह रिक्त होती थी। वहां पर पेन से गांव का नाम बढ़ाकर फर्जीवाड़ा करते थे। पुलिस ने उनके पास से छह मोहरें बरामद की हैं।