शाहजहांपुर। मोबाइल की दुकानों पर जाकर महंगे फोन खरीदने और उनका फर्जी तरीके से ऑनलाइन भुगतान करने के आरोपी को पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी की तलाश की जा रही है। आरोपी के पास से दो लाख कीमत के पांच मोबाइल बरामद हुए हैं।
सोमवार रात थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार व एसओजी प्रभारी रोहित कुमार ने मुखबिर की सूचना पर बरेली मोड़ से लखनऊ की तरफ जाने वाली सड़क से अभियुक्त जावेद को गिरफ्तार किया। जावेद गांव उदयपुर थाना मिर्जापुर का रहने वाला है। उसकी तलाशी लेने पर पांच मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ में उसने फर्जी तरीके से दुकानदारों से फोन खरीदने की बात स्वीकार की। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि दुकानदारों से धोखाधड़ी की घटनाओं को जावेद अपने साथी शाहबुद्दीन गाजी के साथ मिलकर अंजाम देता था। गाजी को जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जावेद है मास्टरमाइंड, शाहबुद्दीन देता था साथ
पूछताछ में जावेद ने स्वीकार किया कि वह और शाहबुद्दीन दोनों मोबाइल व्यापारियों को निशाना बनाते थे। वह दुकान व शोरूम पर जाकर महंगे फोन दिखाने को कहता था। मोलभाव करने के बाद वह मोबाइल पसंद कर बिल अपने नाम बनवा लेता था। मोबाइल लेकर वह दुकानदार से कहता था कि भुगतान बैंक अकाउंट या रजिस्टर्ड नंबर के जरिये कर देगा। जावेद भुगतान के लिए दुकानदार का खाता नंबर व रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लेकर दोस्त शाहबुद्दीन को व्हाट्सएप करता था। शाहबुद्दीन मोबाइल शॉप से कुछ फासले पर खड़ा रहता था। पुलिस के मुताबिक, शाहबुद्दीन फर्जी तरीके से संबंधित बैंक व मोबाइल की कीमत के बराबर की धनराशि का फर्जी टेक्सट मेसेज दुकानदार के मोबाइल पर भेज देता था। उसका स्क्रीनशॉट भी जावेद के व्हाट्सएप पर डाल देता था। मेसेज को देखकर दुकानदार भुगतान होने की बात को भरोसा कर लेते थे। बाद में दुकानदार को अकाउंट चेक करने पर फर्जीवाड़े की जानकारी होती थी।
ऐसे पकड़ा गया शातिर
चौक कोतवाली में मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी राघव गुप्ता ने जावेद के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उसने बताया था कि उनकी दुकान पर ग्राहक बनकर आए जावेद ने मोबाइल पसंद आने के बाद नेफ्ट के माध्यम से रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। 15,300 रुपये नेफ्ट कराने के बाद बैंक के नाम से मेसेज भी आ गया। उसने जब बाद में खाता चेक किया तो रुपये नहीं थे। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पक्का बिल होने पर बेचने में नहीं होती थी दिक्कत
जावेद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके पास पक्का बिल होता था। इसलिए उस मोबाइल को बेचने में दिक्कत भी नहीं आती थी। उन्होंने कई घटनाओं को करने की बात स्वीकार की है।