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फर्जी टीईटी मार्कशीट लगाने वालों पर दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट

Tue, 14 Jul 2015 08:58 PM IST
शाहजहांपुर।
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प्रदेश में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में 2800 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती होनी थी। इसमें जांच के दौरान चार प्रशिक्षु शिक्षकों ने टीईटी की फर्जी मार्कशीट लगाकर नियुक्ति पत्र पा लिया था। इन लोगों का खुलासा होने के बाद बीएसए ने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए थे, लेकिन एक सप्ताह गुजर जाने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी।  
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प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रमाण पत्रों में हेरफेर करके नौकरी पाने की खबर को Òअमर उजालाÓ ने प्रमुखता से छापा था। इस पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन बीएसए राजेश कुमार ने इसकी से जांच कराते हुए 14 प्रशिक्षु शिक्षकों को सही प्रमाण पत्र न होने पर पकड़ा था। इसमें चार प्रशिक्षुओं ने टीईटी मार्कशीट में अंक बढ़ाकर नौकरी पाई थी। इसमें नौ प्रशिक्षु ऐसे थे, जिनके सामान्य वर्ग में स्नातक में अंक 45 फीसदी और आरक्षित वर्ग में 40 फीसदी से अंक कम पाए गए थे, जबकि एक ने बीएड करने से पहले टीईटी पास कर रखा था। ऐसे प्रशिक्षुओं पर डायट स्तर से कार्रवाई की जानी है। फर्जी मार्कशीट एनआईसी की वेबसाइट पर लोड डेटा से मिलान करने पर पकड़ में आई थीं। इसके बाद इनकी इलाहाबाद बोर्ड से जांच कराई गई। इसमें भी मार्कशीट फर्जी पाई गईं।
इस मामले की फाइल डायट में करीब एक पखवाड़े से अटकी हुई है। फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी पाने वाले राजीव सिंह, राकेश कुमार शर्मा, और मनोज कुमार एवं सोहन सिंह राठौर का अभ्यर्थन निरस्त करके इनके विरुद्ध एफआईआर कराने के आदेश दिए गए थे, जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी अभी तक अमल नहीं कर पाए हैं।
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Òखंड शिक्षा अधिकारियों को फर्जी मार्कशीट लगाने वाले प्रशिक्षुओं के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए थे। अभी तक इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारियों ने अवगत नहीं कराया है। खुटार के बीईओ ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया है।Ó
-राकेश कुमार, बीएसए

पूर्व बीएसए के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
शाहजहांपुर। डीएम के आदेश के बावजूद जिला लोक शिक्षा समिति का चार्ज न लेने पर तत्कालीन बीएसए राजेश कुमार वर्मा पर कार्रवाई हो सकती है। इस संबंध में बीएसए राकेश कुमार ने डीएम को पत्र भेज दिया है। इसके आधार पर राजेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम स्तर से कार्रवाई की संस्तुति की जा सकती है।
बीएसए मनोज कुमार वर्मा के चले जाने के बाद जिला लोक शिक्षा समिति का चार्ज डायट प्राचार्य को 28 अक्तूबर 2014 को दिया गया था। इसके बाद राजेश वर्मा बीएसए बने थे, लेकिन उन्होंने लोक शिक्षा समिति का चार्ज नहीं लिया था। इसकी जानकारी होने पर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने बीएसए को लोक शिक्षा समिति का चार्ज लेने का आदेश 13 मार्च, 2015 को दिया था। इसकी अवहेलना करते हुए बीएसए ने चार्ज ग्रहण नहीं किया था।
राजेश वर्मा के ट्रांसफर होने के बाद बीएसए राकेश कुमार ने तीन जुलाई को साक्षरता का चार्ज संभाला। इस दौरान जानकारी में आया कि लोक शिक्षा समिति से जुड़े तमाम कार्य बीएसए के चार्ज न लेने की वजह से अटके पड़े हैं। इसमें न्यायालयों और शिकायतों के निस्तारण के काम भी लंबित पड़े हैं। इस बारे में राकेश ने एक पत्र लिखकर तत्कालीन बीएसए के चार्ज न लेने की वजह से हुए नुकसानों का ब्योरा लिखकर एक पत्र सोमवार को डीएम को भेजा है। उस पत्र के आधार पर राजेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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