राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन को जिले में प्रभावी बनाने आई विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ डीएम विजय किरन आनंद ने रविवार को तड़के ददरौल ब्लॉक के गांव बलेली जाकर खुले में शौच करने वालों को खेतों में धर दबोचा। बाद में विश्व बैंक की टीम ने ददरौल व सिंधौली ब्लॉक के कई गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से संपर्क साधा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शौचालयों की अहमियत के बारे में सवाल करके स्वच्छता अभियान के प्रति उनका ज्ञान परखा और खुले में शौच के दुष्प्रभाव बताए। खुले स्थानों पर शौच की कुप्रथा मिटाने के लिए डीएम आनंद रविवार को सुबह पांच बजे ही बलेली गांव की सीमा पर पहुंच गए। उनका अनुमान सही निकला क्योंकि तब तक अनेक ग्रामीण हाथों पर लोटा लेकर खेतों की ओर लपकते दिखाई दिए। डीएम ने इन सभी को रोका और उन्हें गंदगी से उपजने वाली तमाम बीमारियों से बचने के लिए शौचालय का इस्तेमाल करने को प्रेरित किया। डीएम आनंद ने कहा कि जिन ग्रामीणों ने अभी किन्हीं कारणों से शौचालय निर्मित नहीं कराए, वे मल त्याग के लिए खेत पर जो समय खुरपी साथ लेकर जाएं, जिससे कि मलमूत्र को तत्काल जमींदोज कर सकें। उन्होंने कहा कि खुले स्थानों पर पड़े मल पर बैठने वाली मक्खियों से डायरिया, पोलियो और अन्य कई संक्रामक रोगों को बढ़ावा मिलता है। बाहर की गई लैट्रीन की गंदगी गांव और वहां रहने वालों में वापस आ जाती है।
ग्रामीणों को कराया प्रैक्टिकल
विश्व बैंक के अधिकारियों ने डीएम की बात समझाने के लिए ग्रामीणों को प्रैक्टिकल कराया। उन्होंने एक गिलास पानी में मल का सूक्ष्म अंश मिलाकर ग्रामीणों को दिखाया। ग्रामीणों ने माना कि पानी की रंगत पर कोई फर्क नहीं पड़ा और वह पहले की तरह साफ दिख रहा है। यही पानी पीने का आग्रह करने पर गांव वाले मुंह सिकोड़ने लगे। इस पर अधिकारियों ने सवाल किया कि जो चीज सामने दिखी, उसे सभी ने नकार दिया, लेकिन उस भोजन का हम लोग चाव से सेवन क्यों करते हैं।
अन्य गांवों में जाकर दिया स्वच्छता का संदेश
विश्व बैंक की टीम में शामिल वेंकटेश ने अभय मोहन मिश्रा की टोली के साथ ददरौल ब्लॉक के गांव सुजातपुर, बिरला देवी की टोली के साथ जिला पंचायत राज अधिकारी चंद्रिका प्रसाद ने कपेड़ कटका, दया के साथ उदयवीर सिंह की टोली ने गांव भेदपुर अजीजगंज देहात और सीताराम शरणागत की टोली के साथ पवन श्रीवास्तव ने सिंधौली ब्लॉक के गांव मुड़िया पवार का दौरा करके ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया। इससे पहले, गन्ना शोध संस्थान में आयोजित पांच दिवसीय स्वच्छता कार्यशाला में अधिकारियों ने आसपास के गांवों से आए लोगों को शौचालय के इस्तेमाल से होने वाले लाभ गिनाए।