तीसरी आंख को लेकर पुलिस महकमे के अफसर गंभीर नहीं हैं। त्योहार के सीजन में भी सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने की जहमत नहीं उठाई। कहने को तो शहर में 12 चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस के सीसी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन इनमें ज्यादातर खराब पड़े हैं। सीसी कैमरे खराब होने की वजह से ही शहर में झपट मारी और चेन स्नेचिंग की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। अगर कहीं कोई बड़ी वारदात या चोरी हो जाती है, तो पुलिस के यही अफसर लोगों को सीसीटीवी कैमरे लगवाने की नसीहत देते नजर आते हैं। इनका ध्यान पुलिस के कैमरों की हालत पर नहीं जाता। कई स्थानों पर तो पुलिस का कोई अफसर महीनों से लाइन ऑफ साइड तक पर नहीं पहुंचा है। अफसरों को यह भी नहीं पता कि कैमरे कहां-कहां लगे हैं। आरएमओ राज किशोर यादव का कहना है कि कुछ कैमरे खराब हैं। उन्हें सही कराने के लिए लिखा गया है।