गाजियाबाद के थाना भोजपुर के गांव चुड़ियाला के मूलनिवासी लोकेंद्र सिंह को रुमाल सुंघाकर बदमाशों ने बेहोश कर दिया। चोर उनके तीन हजार रुपये और मोबाइल लेकर चले गए। बाद में बदमाशों ने लोकेंद्र के बेटे को फोन कर उनके अस्पताल में दाखिल होने की बात कहकर रुपये मांगे। इस मामले में शाहजहांपुर के जीआरपी थाने में केस दर्ज किया गया है।
शाहजहांपुर से ट्रेन में चढ़े थे पांच लड़के
लोकेंद्र सिंह वर्तमान में परिवार के साथ दयालपुर, नई दिल्ली में रहते हैं। वह हरदोई के संडीला में डीसीएम वाहन चलाते हैं। 23 जनवरी की रात को वह नौचंदी एक्सप्रेस के जनरल कोच में संडीला आने के लिए सवार हुए थे। शाहजहांपुर में ट्रेन आने पर पांच लड़के ट्रेन में चढ़े। उन्होंने रुमाल हवा में लहराया, जिसके बाद उन्हें नींद आ गई। रायबरेली रेलवे स्टेशन पर उनकी आंख खुली तो उसके मोबाइल और करीब तीन हजार रुपये गायब मिले।
शातिरों के बहकावे में नहीं आए परिजन
अगले दिन करीब 11 बजे वह संडीला आए और अपने मालिक को पूरी बात बताई। इस बीच उसने अपने घर पर फोन किया तो बेटे शिवम ने बताया कि किसी ने उनके नंबर से फोन कर उनके अस्पताल में एडमिट होने की बात बताकर रुपये मांगे। पहले पांच हजार और फिर एक लाख मांगे। हालांकि परिजनों ने रुपये नहीं दिए। इस मामले में जीआरपी के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है।