शाहजहांपुर। जिले में कुत्तों की अनुमानित संख्या करीब 90 हजार है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिंसक कुत्तों की नसबंदी कराने की तैयारी है। नगर निगम के साथ ही नगर निकायों में भी कुत्तों की नसबंदी के इंतजाम किए जाएंगे।
पुराना जिला अस्पताल में रोजाना 70-80 लोग कुत्ते-बिल्ली या बंदर के काटने के बाद एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं। गली-मोहल्लों में कुत्तों का आतंक है। आए दिन लोगों को काटकर जख्मी कर देते हैं। नगर निगम ने कुत्तों का बधियाकरण कराने के लिए अजीजगंज में एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया है।
हालांकि अभी इसमें बधियाकरण का काम शुरू नहीं हो सका है। अभी जिले में कुत्तों की गणना भी नहीं हुई है। नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि निगम क्षेत्र में ही कुत्तों की संभावित संख्या करीब पांच हजार तो पूरे जिले में 90 हजार से अधिक है।
उन्होंने बताया कि एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में स्टाफ रखने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। संभावना है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह में सेंटर संचालित हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शासन के निर्देश पर अभियान चलाया जाएगा नगर निगम क्षेत्र में तो कुत्तों के बधियाकरण के लिए संसाधन जुटाने शुरू हो गए हैं लेकिन निकाय क्षेत्रों में कोई तैयारी नहीं है। एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर शासन के निर्देशानुसार काम किया जाएगा।