राजबेटी की मौत के मामले में आरसी मिशन पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। स्रोत: मीडिया सेल
भावलखेड़ा। ग्राम परमाली में पुराने विवाद के चलते मारपीट में राजबेटी की मौत के मामले में परिजनों ने अब तक अंतिम संस्कार नहीं किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। परिजन गैर इरादतन हत्या की धारा को हत्या की धारा में बदलने की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस समझाने का प्रयास कर रही है। गांव में पुलिस बल तैनात है।
थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के गांव परमाली निवासी रामविलास ने बताया कि 30 नवंबर को गांव के ही सौरभ, अनूप, प्रमोद व इंद्रजीत घर में घुस आए और पुत्र जसवीर से गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर पत्नी राजबेटी के सिर पर लोहे की राॅड मार दी। पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां से बरेली रेफर कर दिया गया था। 20 दिसंबर को उपचार के दौरान राजबेटी की मौत हो गई।
मामले में पूर्व में दर्ज अभियोग को गैर इरादतन हत्या की धाराओं में तब्दील कर दिया गया था। रविवार व सोमवार को पूरे दिन पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास करती रही। उनका कहना है कि जब तक हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाएगी, अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
परिवार वालों ने पुलिस पर मामले में उचित कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया है। विरोध की आशंका के मद्देनजर सदर बाजार, कोतवाली, महिला थाना और आरसी मिशन थाने की पुलिस परमाली गांव में तैनात रही। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले में सोमवार को आरोपी सौरभ वर्मा, अनुज उर्फ अनूप तथा इंद्रजीत निवासी गांव परमाली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। परिवार वालों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। देर शाम तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया था।